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प्रतीकात्मक छवि (सोर्स-Pinterest)
New Delhi: देशभर में मानसून एक बार फिर अपने विकराल रूप में लौट आया है। हालात इतने भयानक हो चुके हैं कि कई इलाकों में सड़कें पूरी तरह पानी में समा गई हैं, पहाड़ों के दरकने से नेशनल हाईवे बंद पड़े हैं और लोग अपने ही घरों में कैद होकर मदद का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तराखंड समेत कुल 17 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने का रेड अलर्ट जारी किया है।
पूर्वोत्तर भारत में मानसून सबसे ज्यादा कहर बरपा रहा है। असम में बाढ़ की विभीषणता के कारण अब तक 47 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 11 जिलों के 7 लाख से ज्यादा लोग इसकी चपेट में हैं। शिवसागर और कुशियारा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। वहीं नगालैंड में भूस्खलन से सड़क संपर्क पूरी तरह कट जाने के बाद भारतीय वायुसेना और प्रशासन ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 180 से अधिक लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला है। प्रभावित क्षेत्रों में हवाई मार्ग से लगातार भोजन और दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं।
पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है-
उत्तराखंड: नैनीताल, पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग और हरिद्वार जैसे जिलों में 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट है, जिससे भूस्खलन का खतरा चरम पर है।
हिमाचल प्रदेश: शिमला, कुल्लू, कांगड़ा और सोलन में चट्टानें खिसकने और रास्ते बंद होने की आशंका है। मनाली में तापमान गिरकर काफी नीचे आ गया है। प्रशासन ने पर्यटकों को पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है।
जम्मू-कश्मीर: कुपवाड़ा, पुंछ, डोडा और किश्तवाड़ में झमाझम बारिश के साथ नदियां उफान पर हैं।
मैदानी और मध्य भारत के कई बड़े राज्यों में मानसून की सक्रियता ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं-
दिल्ली-NCR: राजधानी और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं (40 से 50 किमी/घंटा) के साथ भारी बारिश से जलभराव और भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई है।
उत्तर प्रदेश: लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ, आगरा और प्रयागराज सहित कई जिलों में 28 जुलाई तक भारी बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) का डबल अलर्ट जारी किया गया है।
बिहार और झारखंड: पटना, गया, रांची, धनबाद और बोकारो में 70 से 75 किमी प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से आंधी चलने और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जिससे फसलों और बिजली आपूर्ति को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश: राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र बनने से श्रीगंगानगर, अजमेर, जोधपुर, कोटा तथा मध्य प्रदेश के भोपाल, उज्जैन, जबलपुर और इंदौर संभाग में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।
पंजाब और हरियाणा: बठिंडा, लुधियाना, अमृतसर और राज्य के अन्य हिस्सों में तेज हवाओं के साथ खेतों और निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका है।
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महाराष्ट्र: नासिक में मूसलाधार बारिश के बाद गोदावरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गंगापुर बांध समेत कई बड़े बांधों का पानी छोड़े जाने से रामकुंड और आसपास के मंदिर जलमग्न हो चुके हैं। पुणे, सतारा और रायगढ़ में भी भारी बारिश का दौर जारी है।
गुजरात: वापी, अहमदाबाद, साबरकांठा और सुरेंद्रनगर में नदियां उफनाने से ग्रामीण इलाकों में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
पश्चिम बंगाल: उत्तरी हिस्से में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण कोलकाता, मालदा और जलपाईगुड़ी में 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी बारिश का अनुमान है।
दक्षिण भारत: केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी है, और समुद्र में तेज हलचल को देखते हुए मछुआरों को अंदर जाने से मना किया गया है।
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले 24 से 48 घंटे बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और नदी-नालों तथा कमजोर इमारतों या पेड़ों के पास जाने से पूरी तरह बचें।
Location : New Delhi
Published : 25 July 2026, 7:44 AM IST