हिंदी
Symbolic Photo
Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में 6 अक्टूबर 2025 से सियासी हलचल का नया दौर शुरू हो गया है। राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना चुनाव आयोग द्वारा जारी कर दी गई है, जिसके साथ ही राजनीतिक दलों की गतिविधियां और तेज हो गई हैं। प्रदेश में राज्यसभा की चार सीटें हैं, जो 2021 से खाली चल रही हैं। इन सीटों के लिए 24 अक्टूबर को मतदान होगा और इसी दिन परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे।
चुनाव में जम्मू-कश्मीर विधानसभा के 88 विधायक मतदान करेंगे। ऐसे में हर एक वोट की अहमियत बढ़ गई है और सभी प्रमुख दल जोड़-तोड़ और रणनीति में जुट गए हैं।
BJP और नेशनल कॉन्फ्रेंस आमने-सामने
राज्यसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (BJP) और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के बीच होने जा रहा है। दोनों ही दलों ने चारों सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता इमरान नवी डार ने कहा कि पार्टी की मुख्य कार्यकारी समिति राज्यसभा उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा करेगी। पार्टी को तीन सीटें जीतने का पूरा भरोसा है और एक सीट पर भी कड़ा मुकाबला माना जा रहा है।
वहीं, भाजपा के मुख्य प्रवक्ता सुनील सेठी ने दावा किया कि पार्टी राज्यसभा चुनाव में जीत दर्ज करेगी। उन्होंने बताया कि भाजपा हाईकमान जल्द ही उम्मीदवारों के नामों की घोषणा करेगा और फिर रणनीतिक समीकरणों पर काम शुरू होगा।
कांग्रेस और पीडीपी की रणनीति भी अहम
हालांकि कांग्रेस और पीडीपी सीधे तौर पर चुनावी रेस में नहीं हैं, लेकिन उनके विधायकों के वोट दोनों प्रमुख दलों की जीत-हार तय कर सकते हैं। कांग्रेस के पास 6 विधायक हैं और पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ एक सीट पर मोलभाव कर रही है। इसी सिलसिले में वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह जम्मू-कश्मीर पहुंचने वाले हैं। उन्हें NC के साथ मतभेद सुलझाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं, पीडीपी के पास 3 विधायक हैं। पार्टी पहले ही ऐलान कर चुकी है कि उसके विधायक “चेहरा देखकर वोट” डालेंगे। सूत्रों के अनुसार, पीडीपी के भाजपा से हाथ मिलाने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता, हालांकि पार्टी ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
समीकरणों की गणित
Location : Jammu Kashmir
Published : 6 October 2025, 3:46 AM IST