धनतेरस पर झाड़ू खरीदना क्यों माना जाता है शुभ? जानिए मां लक्ष्मी से जुड़ी ये खास मान्यता

धनतेरस के अवसर पर बाजारों में खरीदारी की रौनक देखने को मिल रही है। सोने-चांदी, बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक सामान के साथ लोग झाड़ू भी खरीद रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर नई झाड़ू घर लाना शुभ माना जाता है। इसे मां लक्ष्मी का प्रतीक मानकर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है। इसी दिन से पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत होती है।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 6 November 2026, 6:50 PM IST
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New Delhi: धनतेरस के साथ ही पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत हो गई है। इस खास मौके पर देशभर के बाजारों में खरीदारी की रौनक देखने को मिल रही है। कोई सोने-चांदी के आभूषण खरीद रहा है, तो कोई नए बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक सामान घर ला रहा है। इन सबके बीच धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की परंपरा भी लोगों के बीच खास आकर्षण बनी हुई है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन नई झाड़ू घर लाना बेहद शुभ माना जाता है। यही वजह है कि बाजारों में झाड़ू की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है।

धनतेरस पर बाजारों में झाड़ू की खरीदारी

धनतेरस के दिन शहर के अलग-अलग बाजारों में झाड़ू की दुकानें सजी हुई हैं। यहां लोग अपनी पसंद के अनुसार झाड़ू खरीदते नजर आ रहे हैं। कोई सींक वाली झाड़ू पसंद कर रहा है, तो कोई फूल झाड़ू खरीद रहा है। त्योहार के चलते दुकानदारों ने भी अपनी दुकानों पर अलग-अलग तरह की झाड़ू उपलब्ध कराई हैं।

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हिंदू धर्म की मान्यताओं में साफ-सफाई का विशेष महत्व बताया गया है। माना जाता है कि जिस घर में स्वच्छता रहती है, वहां मां लक्ष्मी का वास होता है। झाड़ू घर की गंदगी को बाहर निकालने का काम करती है। इसी वजह से इसे दरिद्रता और नकारात्मकता दूर करने का प्रतीक भी माना जाता है। धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की परंपरा इसी धार्मिक विश्वास से जुड़ी हुई है।

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झाडू खरीदना क्यों होता है शुभ (Image Source: Dynamite News)

झाड़ू खरीदने से जुड़ी है मां लक्ष्मी की मान्यता

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, झाड़ू को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि धनतेरस के दिन नई झाड़ू घर लाने से सुख-शांति और आर्थिक खुशहाली आती है। हालांकि, इस मान्यता के पीछे कोई सटीक प्रमाण नहीं है, लेकिन लंबे समय से लोग इस परंपरा का पालन करते आ रहे हैं।

इस दिन झाड़ू खरीदने के साथ उससे जुड़ी कुछ सावधानियों का भी ध्यान रखा जाता है। मान्यता है कि झाड़ू पर पैर नहीं लगाना चाहिए। इसे घर की स्वच्छता और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है।

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भगवान धन्वंतरि के प्राकट्य से जुड़ा है धनतेरस

कानपुर के पंडित आशीष तिवारी के मुताबिक, धनतेरस का पर्व भगवान धन्वंतरि के प्राकट्य से भी जुड़ा हुआ है। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। उन्हें आरोग्य, स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

इसी कारण धनतेरस पर लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार खरीदारी करते हैं और घर में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। इस दिन से दीपावली तक पांच दिनों का दीपोत्सव मनाया जाता है। धनतेरस पर झाड़ू खरीदना भी इसी उत्सव की परंपराओं में शामिल है। यह परंपरा लोगों को घर की साफ-सफाई बनाए रखने और जीवन में सुख-शांति की कामना करने का संदेश देती है।

Location :  New Delhi

Published :  6 November 2026, 6:32 PM IST

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