Delhi School Bomb Threat: एक बार फिर मिली दिल्ली के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस

दिल्ली में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामले में दो स्कूलों को फिर धमकी भरे ईमेल मिले हैं। पुलिस और स्पेशल सेल इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 20 August 2025, 8:38 AM IST
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New Delhi: राजधानी दिल्ली में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने का सिलसिला लगातार जारी है। ताजा घटनाक्रम में मंगलवार 20 अगस्त 2025 को नजफगढ़ और मालवीय नगर स्थित दो स्कूलों को धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्कूल परिसरों की तलाशी ली गई, हालांकि अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है।

यह पहला मौका नहीं है जब दिल्ली के स्कूलों को इस तरह से आतंकित करने की कोशिश की गई है। इससे पहले सोमवार 18 अगस्त को राजधानी के 32 स्कूलों को भी ईमेल के जरिए बम की धमकी दी गई थी। विशेष बात यह रही कि इस बार मेल में पैसों की मांग भी की गई थी, जो कि अब तक नहीं देखा गया था।

500 डॉलर की फिरौती की मांग

धमकी भरे ईमेल में स्कूलों से 500 अमेरिकी डॉलर (करीब 4.35 लाख रुपये) की मांग की गई थी। यह पहली बार था जब धमकी के साथ फिरौती की मांग भी सामने आई। इससे पहले ज्यादातर मेल केवल दहशत फैलाने के उद्देश्य से भेजे जाते थे। ईमेल भेजने वाले ने स्पष्ट किया कि यदि मांगी गई रकम नहीं दी गई तो स्कूलों को बम से उड़ा दिया जाएगा।

एक ही पैटर्न, जीमेल और वीपीएन का इस्तेमाल

स्पेशल सेल की प्रारंभिक जांच के अनुसार, सभी मेल जीमेल आईडी से भेजे गए हैं और इनमें एक जैसा ही पैटर्न देखा गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मेल भेजने के लिए वीपीएन (VPN) का इस्तेमाल किया गया, जिससे IP एड्रेस किसी विदेशी देश का दिखता है और उसे ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो जाता है।

स्पेशल सेल के डीसीपी अमित कौशिक ने बताया कि वीपीएन की वजह से मेल ट्रैक करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। जब गूगल से इन मेलों की जानकारी मांगी गई, तो कंपनी ने सिर्फ यह बताया कि मेल विदेशी IP से भेजे गए हैं, लेकिन बाकी जानकारियां साझा करने से इनकार कर दिया।

ISI कनेक्शन की आशंका

पुलिस को संदेह है कि इस तरह की गतिविधियों के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का हाथ हो सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि लगातार धमकियों के पीछे उद्देश्य दहशत फैलाना और सुरक्षा एजेंसियों को व्यस्त रखना हो सकता है ताकि उनके संसाधन बर्बाद हों और आम जनता में डर का माहौल बने।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और जांच की मांग

इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भी प्रतिक्रिया दी है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने लगातार मिल रही धमकियों पर चिंता जताई है और गृहमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि जनवरी से अगस्त 2025 तक 100 से अधिक स्कूलों को धमकियां मिल चुकी हैं, जबकि पिछले साल मई 2024 से अब तक यह आंकड़ा 300 से ऊपर पहुंच चुका है।

यादव ने कहा कि छात्रों, अभिभावकों और स्कूल प्रशासन में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है, जो बच्चों की मानसिक स्थिति पर भी असर डाल रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है और इस मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

Location :  New Delhi

Published :  20 August 2025, 8:38 AM IST

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