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मिडिल ईस्ट में ईरान-इजराइल संघर्ष और हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण दिल्ली में 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द। इंडिगो ने यात्रियों को रिफंड और रीशेड्यूल का विकल्प दिया।
मिडिल ईस्ट संघर्ष से दिल्ली में हवाई क्षेत्र बंद (Img- Internet)
New Delhi: अमेरिका और इजराइल के ईरान पर लगातार हवाई हमले और ईरान द्वारा मिडिल ईस्ट के नौ देशों में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले के कारण हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया। कतर, दुबई और अबू धाबी में मिसाइल और ड्रोन हमले जारी हैं। इस वजह से दिल्ली एयरपोर्ट पर करीब 100 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं।
लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक, अब तक 60 फ्लाइट्स के जाने और 40 फ्लाइट्स के आने पर असर पड़ा है। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ऑपरेटर, दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने इन कैंसिलेशन को कन्फर्म किया है। ऑफिशियल्स ने कहा कि ये दिक्कतें ईरान और आस-पास के इलाकों में एयरस्पेस में पाबंदियों की वजह से हैं, जिससे एयरलाइंस को अपने रूट बदलने पड़े और कई सर्विस कैंसिल करनी पड़ीं।
1 मार्च 2026 को IGI एयरपोर्ट पर लगभग 100 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं। मुख्य रूप से पश्चिम की ओर जाने वाली उड़ानें प्रभावित हुईं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा से पहले एयरलाइन से संपर्क करें और अपडेट लें।
एक ऑफिशियल स्टेटमेंट में, इंडिगो ने कहा कि उसने मिडिल ईस्ट एयरस्पेस से ऑपरेट करने वाली कुछ इंटरनेशनल फ्लाइट्स का टेम्पररी सस्पेंशन 2 मार्च, 2026 तक बढ़ा दिया है।
एयरलाइन ने कहा कि पहले कैंसिल की गई सर्विस के अलावा, 1 मार्च को शेड्यूल की गई ये फ़्लाइट भी कैंसिल रहेंगी:
इंडिगो एयरलाइन ने X पोस्ट में कहा कि 28 फरवरी 2026 या उससे पहले की गई बुकिंग के लिए यात्रियों को फ्लेक्सिबिलिटी दी गई है। ग्राहक बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के पूरी रिफंड या रीशेड्यूल का विकल्प 7 मार्च 2026 तक चुन सकते हैं। यह कदम यात्रियों की सुविधा और हवाई अड्डे पर होने वाले ट्रैवल बाधाओं को कम करने के लिए उठाया गया है।
नागर विमानन मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि रविवार को भी हवाई क्षेत्र बंद रहने और बड़ी संख्या में उड़ानों के रद्द होने की संभावना है। यात्री अपनी यात्रा की योजना में लचीलापन रखें और एयरलाइन से लगातार संपर्क बनाए रखें।
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मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के चलते दिल्ली हवाई अड्डे की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर गंभीर असर पड़ा है। यात्रियों को रिफंड और रीशेड्यूल के विकल्प दिए गए हैं, लेकिन पश्चिम की ओर जाने वाले ट्रैवलर अस्थायी असुविधा का सामना कर रहे हैं।