Choti Diwali 2026: आज शाम घर पर कैसे करें छोटी दिवाली की पूजा? जानें नरक चतुर्दशी की सही विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व

छोटी दिवाली का त्योहार दिवाली से ठीक एक दिन पहले मनाया जाता है। छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। जानें कि छोटी दिवाली पर पूजा-पाठ कैसे करें।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 7 November 2026, 11:33 AM IST
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Choti Diwali 2026: आज, शनिवार, 7 नवंबर 2026 को छोटी दिवाली है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, छोटी दिवाली का त्योहार हर साल कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी (चौदहवें दिन) को मनाया जाता है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान कृष्ण ने राक्षस नरकासुर का वध करके देवताओं और मानव जाति को मुक्त कराया था। इसलिए इसे 'नरक चतुर्दशी' के नाम से भी जाना जाता है। कुछ क्षेत्रों में इसे 'रूप चौदस' के रूप में मनाया जाता है। इस दिन मुख्य रूप से देवी लक्ष्मी, भगवान गणेश, भगवान कृष्ण और मृत्यु के देवता यम की पूजा की जाती है। कुछ जगहों पर देवी काली और भगवान हनुमान की पूजा करने की भी परंपरा है। कई लोग 'ब्रह्म मुहूर्त' (भोर से पहले का समय) में 'अभ्यंग स्नान' (एक विशेष धार्मिक स्नान) करते हैं। इस अनुष्ठान में शरीर पर तेल की मालिश की जाती है; छोटी दिवाली पर लोग नहाने से पहले अपने शरीर पर तेल और 'उबटन' (एक पारंपरिक हर्बल पेस्ट) लगाते हैं। आइए जानते हैं कि छोटी दिवाली पर घर पर पूजा कैसे करें।

छोटी दिवाली पूजा की विधि

छोटी दिवाली की पूजा शाम के समय, 'प्रदोष काल' में करना सबसे शुभ माना जाता है। सूर्यास्त के बाद मृत्यु के देवता यम के नाम पर दीपक जलाना विशेष महत्व रखता है। इस शुभ शाम को, एक साफ चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और उस पर भगवान कृष्ण, भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की मूर्तियां या चित्र रखें। गंगाजल का उपयोग करके देवताओं का 'अभिषेक' (पवित्र स्नान) कराएं। उन्हें रोली, चंदन का लेप, कुमकुम, लाल और पीले फूल, अक्षत (बिना टूटे चावल के दाने) और वस्त्र अर्पित करें। इसके बाद, मिठाइयों और फलों का 'भोग' (पवित्र भोजन) लगाएं। घी का दीपक जलाएं और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की आरती करें। पूजा के बाद, यमराज के लिए एक दीपक जलाएं, और इसके साथ 14 अन्य दीपक भी जलाएं। माना जाता है कि छोटी दिवाली पर अकाल मृत्यु के भय को दूर करने के लिए, घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर चार बत्तियों वाला एक दीपक (मिट्टी या आटे से बना) रखना चाहिए; यह दीपक यमराज (मृत्यु के देवता) को समर्पित होता है। इसके अलावा, सरसों के तेल से भरी एक थाली में 14 दीपक रखें और उन्हें प्रज्वलित करें। हिंदू परंपरा के अनुसार, छोटी दिवाली की शाम को घर के हर कोने और मुख्य द्वार पर कुल 14 दीपक जलाने की प्रथा है। अपनी श्रद्धा के अनुसार, कुछ लोग 5, 7, 11 या 13 दीपक भी जला सकते हैं।

छोटी दिवाली पर पूजा के लिए शुभ समय (मुहूर्त)

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर को सुबह 10:47 बजे शुरू होगी और 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे समाप्त होगी। छोटी दिवाली पर, पूजा करने और दीपक जलाने के लिए 'गोधूलि मुहूर्त' (संध्याकाल का समय) शाम 5:31 बजे से 5:57 बजे तक रहेगा। 'सायंकालीन संध्या मुहूर्त' शाम 5:31 बजे से 6:50 बजे तक रहेगा। 7 नवंबर को 'प्रदोष काल' (शाम का एक शुभ समय) लगभग शाम 5:31 बजे से रात 7:57 बजे के बीच रहेगा।

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छोटी दिवाली पर दीपक कहाँ रखें

छोटी दिवाली पर, मुख्य द्वार, तुलसी के पौधे के पास, रसोईघर में, पूजा स्थल पर, छत पर और घर के विभिन्न कोनों में दीपक रखे जाते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और देवी लक्ष्मी का आगमन होता है।

Location :  New Delhi

Published :  7 November 2026, 11:33 AM IST

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