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CEC ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी (Img: Pinterest)
New Delhi: वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी के बीच बैठक के बाद आयोग ने कई मुद्दों पर बिंदुवार सफाई जारी की। आयोग ने कहा कि वोटर लिस्ट के स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) और तकनीक से जुड़े मामलों में फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं।
चुनाव आयोग ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक संस्था में चर्चा, सुझाव और आपत्तियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग के मुताबिक, SSR और टेक्नोलॉजी से संबंधित मामलों में अंतिम निर्णय तीनों आयुक्तों की पूरी सहमति और सर्वसम्मति से लिए गए। इस सफाई के जरिए आयोग ने उन चर्चाओं पर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है, जिनमें चुनाव आयोग के भीतर मतभेद होने की बात कही जा रही थी।
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आयोग ने कैबिनेट सचिव को भेजे गए एक पत्र को लेकर भी स्पष्टीकरण दिया। आयोग के अनुसार, यह पत्र चुनाव आयोग या उसके आईटी डिवीजन की किसी नीतिगत व्यवस्था से जुड़ा नहीं था। आयोग ने बताया कि पत्र एक ऐसे अधिकारी के कामकाज से संबंधित था, जो डेप्युटेशन पर चुनाव आयोग में तैनात था।
संबंधित अधिकारी की ओर से जारी काम के बंटवारे से जुड़े आदेशों को दो चुनाव आयुक्तों के निर्देश के बाद लागू नहीं किया गया था। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि आईटी डिवीजन की निगरानी करने वाले डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर के अधिकार वापस नहीं लिए गए थे।
गोवा में वोटर लिस्ट से छूटे लोगों के मामले में भी आयोग ने जानकारी दी। गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित बूथ लेवल अधिकारियों यानी BLO को ऐसे मतदाताओं के घर जाकर जरूरी फॉर्म लेने के निर्देश दिए हैं। आयोग के अनुसार, ऐसे 97 मतदाताओं में से 81 लोग पहले ही वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 भर चुके हैं।
चुनाव आयोग ने कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SSR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अगर SSR के दौरान या उसके बाद किसी व्यक्ति का नाम छूट गया है, तो वह लगातार अपडेट होने वाली प्रक्रिया के तहत संबंधित इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर यानी ERO के पास आवेदन कर सकता है।
आयोग ने कहा कि पहली बार वोट देने वाले युवा भी वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को छूटे हुए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और ERO को इस प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध के बाद आयोग ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी है। वहीं नोटिस जारी करने और दावे-आपत्तियों के निपटारे की समयसीमा अब 30 नवंबर 2026 तक कर दी गई है।
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महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध पर वहां भी समयसीमा में बदलाव किया गया है। महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 12 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। वहीं नोटिस और दावे-आपत्तियों के निपटारे के लिए 10 नवंबर 2026 तक का समय दिया गया है। चुनाव आयोग की वोटर सेवाओं में नाम की जांच, नए मतदाता पंजीकरण और मतदाता विवरण में सुधार जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
Location : New Delhi
Published : 26 September 2026, 7:13 PM IST
Topics : CEC Gyanesh Kumar Delhi Voter List ELection Commission News Sukhbir Singh Sandhu Vivek Joshi