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INDIA गठबंधन का प्रदर्शन (File Photo)
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी INDIA गठबंधन ने सड़क से लेकर अदालत तक अपनी लड़ाई तेज करने की तैयारी कर ली है। एक ओर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन और धरने की रणनीति बनाई जा रही है, तो दूसरी ओर चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाले 2023 के कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी है।
कांग्रेस ने भी अपने सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को राजधानी में रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं, राहुल गांधी ने अपना गोवा दौरा टालकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें की हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बेंगलुरु में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाले कानून पर सवाल उठाए। खरगे का आरोप है कि इस कानून के जरिए चुनाव आयुक्तों की जवाबदेही कमजोर की गई है।
उन्होंने इसे लोकतंत्र और चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है। हालांकि, कानून को लेकर विपक्ष के आरोप उसके राजनीतिक रुख का हिस्सा हैं और इन पर कानूनी निर्णय होना बाकी है।
INDIA गठबंधन के नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंप चुके हैं। अब विपक्ष की नजर सुप्रीम कोर्ट पर है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात के बजाय याचिका दाखिल करने का रास्ता अपनाने की सलाह दी गई है।
विपक्षी दल 2023 के कानून के प्रावधानों को चुनौती देने के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। उनका मुख्य जोर चुनाव आयुक्तों की जवाबदेही, चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और चुनावी प्रक्रिया में जनता के भरोसे को बनाए रखने पर है।
संसद से चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च के बाद विपक्ष का विरोध लगातार चर्चा में बना हुआ है। दिल्ली में प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। विपक्षी नेताओं का दावा है कि राजधानी में 30 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों और 7 हजार से ज्यादा अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।
शनिवार और रविवार को प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिए जाने की भी खबरें सामने आईं। विपक्ष ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार से जुड़ा मुद्दा बताया है।
ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव की दिल्ली में मौजूदगी से विपक्षी एकजुटता को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस के सांसदों को राजधानी में रहने के निर्देश और राहुल गांधी की बैठकों ने भी इस मुद्दे को नई राजनीतिक धार दी है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि INDIA गठबंधन विरोध प्रदर्शन को किस दिशा में आगे बढ़ाता है और चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाले कानून को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में कब याचिका दाखिल की जाती है।
Location : New Delhi
Published : 12 October 2026, 8:38 AM IST
Topics : akhilesh yadav news CEC Gyanesh Kumar Gyanesh Kumar news INDIA Alliance Protest Mamata Banerjee Delhi