Budget 2026 से रियल एस्टेट को बड़ी उम्मीदें, अफोर्डेबल और मिड-इनकम हाउसिंग पर हो सकता है फोकस

Budget 2026 से रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी उम्मीदें हैं। CREDAI वेस्ट यूपी और डेवलपर्स ने अफोर्डेबल व मिड-इनकम हाउसिंग, होम लोन टैक्स राहत, धारा 24(बी) में छूट बढ़ाने और अटकी परियोजनाओं के लिए आसान फंडिंग की मांग की है।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 28 January 2026, 9:53 AM IST
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New Delhi: आगामी केंद्रीय बजट 2026 को लेकर रियल एस्टेट सेक्टर में उम्मीदें तेज हो गई हैं। खासतौर पर अफोर्डेबल और मिड-इनकम हाउसिंग को लेकर डेवलपर्स सरकार से ठोस कदमों की मांग कर रहे हैं। क्रेडाई (CREDAI) वेस्ट यूपी के अध्यक्ष दिनेश गुप्ता का कहना है कि बजट में अगर इस सेगमेंट पर विशेष ध्यान दिया गया तो न सिर्फ हाउसिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी, बल्कि रोजगार और निवेश को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

दिनेश गुप्ता के अनुसार अफोर्डेबल और मिड-इनकम हाउसिंग देश की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। उन्होंने कहा कि होम लोन ब्याज पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C और 24(बी) के तहत राहत बढ़ाई जानी चाहिए। इससे मध्यम वर्ग के खरीदारों को सीधा फायदा मिलेगा और घर खरीदने की क्षमता बढ़ेगी। इसके साथ ही लंबे समय से अटकी हुई रियल एस्टेट परियोजनाओं के लिए आसान और सस्ती फंडिंग की व्यवस्था जरूरी है, ताकि इन प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा किया जा सके।

टैक्स राहत और अफोर्डेबल हाउसिंग की मांग

एक्सोटिका हाउसिंग के मैनेजिंग डायरेक्टर दिनेश जैन ने भी बजट 2026 से रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी उम्मीदें जताई हैं। उन्होंने कहा कि अफोर्डेबल हाउसिंग को लेकर टैक्स इंसेंटिव्स बढ़ाए जाने चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने घर का सपना पूरा कर सकें।

दिनेश जैन ने सुझाव दिया कि होम लोन ब्याज पर धारा 24(बी) के तहत मिलने वाली छूट को मौजूदा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 4 से 6 लाख रुपये किया जाना चाहिए। इसके अलावा नई टैक्स व्यवस्था में भी इस छूट को शामिल किया जाना जरूरी है, क्योंकि बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स अब न्यू टैक्स रिजीम को चुन रहे हैं।

उन्होंने यह भी मांग की कि अफोर्डेबल हाउसिंग की परिभाषा को मौजूदा समय और बाजार की वास्तविकताओं के हिसाब से अपडेट किया जाए। निर्माण लागत और जमीन के दाम बढ़ने के कारण पुराने मानकों के तहत अफोर्डेबल प्रोजेक्ट्स बनाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। साथ ही, अटकी हुई परियोजनाओं को गति देने के लिए स्वामिह (SWAMIH) फंड के दायरे और पूंजी को बढ़ाने की जरूरत बताई गई।

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नीति स्थिरता और निवेश पर जोर

विजन बिज़नेस पार्क के फाउंडर अतुल विक्रम सिंह का कहना है कि रियल एस्टेट सेक्टर को सिर्फ तात्कालिक राहत नहीं, बल्कि नीति स्थिरता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार सरल और पारदर्शी टैक्स ढांचा लागू करती है, तो निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।

अतुल विक्रम सिंह ने आरईआईटी (REITs) को और प्रोत्साहन देने, डिजिटल सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम लागू करने और नियामकीय प्रक्रियाओं को आसान बनाने की बात कही। इससे न सिर्फ घरेलू बल्कि विदेशी निवेश भी बढ़ेगा और रियल एस्टेट सेक्टर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन कर सकेगा।

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सेक्टर को मिल सकता है बड़ा बूस्ट

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बजट 2026 में अफोर्डेबल और मिड-इनकम हाउसिंग, टैक्स राहत, आसान फंडिंग और नीति स्थिरता पर फोकस किया गया, तो रियल एस्टेट सेक्टर देश की आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभा सकता है। इससे शहरीकरण को संतुलित दिशा मिलेगी और आम लोगों के लिए घर खरीदना और आसान हो सकेगा।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 28 January 2026, 9:53 AM IST

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