Plane Crash: आखिर लैंडिंग और टेकऑफ के समय ही क्यों होते हैं विमान हादसे? जानें ये बड़ी वजह

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की आज प्लेन लैंडिग के दौरान विमान हादसे में निधन हो गया है।आखिर ये हादसे इसी वक्त क्यों होते हैं। 2005 से 2023 का जो भी हादसे हुए हैं उसमे से आधे लैंडिग के समय हुआ, वहीं दूसरे नंबर पर टेकऑफ के दौरान हुआ है।

Updated : 28 January 2026, 2:46 PM IST
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New Delhi:  महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की आज लैंडिग के दौरान विमान हादसे में निधन हो गया है। वहीं ये दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब अजित पवार को ले जा रहा विमान लैंडिग कर रहा था। इस हादसे के बाद हड़कंप मच गया है। वहीं पिछले साल की बात करें तो विमान हादसे में गुजरात के पूर्व सीएम का भी निधन हो चुका है। और इस साल के शुरुआत में ही विमान हादसे की एक और दर्दनाक खबर आई है।

क्यों होते हैं लैंडिंग और टेकऑफ के समय हादसे?

दरअसल, प्लेन हादसे लैंडिंग और टेकऑफ के समय ज्यादा होते हैं। जोकि फ्लाइट के लिए ये वक्त सबसे ज्यादा अहम होते हैं। तो आइए जानते हैं कि आखिर ये हादसे इसी वक्त क्यों होते हैं। लैंडिंग और टेकऑफ के समय कई तकनीकी और मानव कारक दोनों ही हादसे के जिम्मेदार होते हैं। ये वक्त इसलिए अहम होते है क्योंकि इस दौरान पायलट के पास विपरीत स्थिति में बहुत ही कम समय होता है और प्लेन कम ऊंचाई पर होता है इसलिए परिस्थिति को संभालना मुश्किल हो जाता है।

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सबसे ज्यादा जटिल लैंडिंग...

जानकारी के मुताबिक, 2005 से 2023 तक जो भी हादसे हुए है उसमे से आधे लैंडिग के समय हुआ, वहीं दूसरे नंबर पर टेकऑफ के दौरान हुआ है। दरअसल जब प्लेन कई हजार फीट ऊपर होता है तो ऐसे समय में पायलट के पास काफी समय होता है। ऐसे में कहा जाता है अगर इस दौरान दोनों इंजन भी बंद हो जाए तो ऐसे में आचनक प्लेन नहीं गिरेगा। वहीं ऐसे में एक ग्लाइडर बन जाता है और इस परिस्थिति में पायलट कुछ न कुछ कर ही लेता है। मगर लैंडिग और टेकऑफ के समय परिस्थिति काफी ज्यादा मुश्किल होती है। वहीं पायलट के अनुसार, लैंडिंग और टेकऑफ की बात करें तो सबसे ज्यादा जटिल लैंडिंग होता है। टेकऑफ का समय फिर भी आसान होता है।

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लैंडिंग फेज के वक्त पायलट की गलती

वहीं लैंडिग सबसे चुनौतिपूर्ण होती है क्योंकि इस वक्त प्लेन को सही रफ्तार एंगल और रनवे को सही जगह पर उतारना पड़ता है। वहीं बारिश , तेज हवा, कोहरा , और रात का समय ये काफी ज्यादा चुनौतिपूर्ण होते हैं। क्योंकि छोटी सी गलती बड़ा हादसा बन सकता है।दरअसल, खासकर लैंडिंग फेज के वक्त पायलट की गलती के चलते होते हैं। वहीं जब प्लेन कम ऊंचाई पर होते तो ऐसे में पक्षियों और खराब मौसम का भी सामना करना पड़ता है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 28 January 2026, 2:46 PM IST

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