मुंबई एयरपोर्ट का T-1 तोड़ने पर मचा बड़ा घमासान: एयरलाइंस और ऑपरेटर भिड़े, दिल्ली में आपात बैठक

मुंबई एयरपोर्ट के 60 साल पुराने टर्मिनल-1 (T1) के पुनर्विकास और उड़ानों को नवी मुंबई शिफ्ट करने पर MIAL और एयरलाइंस के बीच विवाद गहरा गया है। मामला सुलझाने के लिए नागरिक उड्डयन सचिव ने दिल्ली में हाई-लेवल बैठक बुलाई है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 5 October 2026, 11:32 AM IST
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Mumbai: देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शुमार मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों के संचालन को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। एयरपोर्ट का संचालन करने वाले अडाणी ग्रुप के 'मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड' (MIAL) और प्रमुख एयरलाइंस कंपनियों के बीच टर्मिनल-1 (T1) को ध्वस्त कर उसका पुनर्विकास करने को लेकर तीखा टकराव देखने को मिल रहा है।

इस गतिरोध को खत्म करने और सर्वमान्य समाधान निकालने के लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने मंगलवार को दिल्ली में MIAL और एयरलाइंस के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण आपात बैठक बुलाई है।

60 साल पुराना ढांचा पड़ा जर्जर, अडाणी ग्रुप ने दी रीडेवलपमेंट की दलील

विवाद की मुख्य जड़ T1 टर्मिनल की जर्जर हालत और उसकी क्षमता बढ़ाना है। छह दशक पुराने इस टर्मिनल का निर्माण 1965 में शुरू हुआ था। स्ट्रक्चरल ऑडिट में कंक्रीट झड़ने, सरिया दिखने और दरारें आने जैसी गंभीर कमियां सामने आई हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से बड़ा खतरा बन सकती हैं।

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MIAL का प्लान है कि जनवरी 2027 से T1 के उत्तरी हिस्से को चरणबद्ध तरीके से गिराकर दोबारा बनाया जाए। इस पुनर्विकास से टर्मिनल की क्षमता 15 मिलियन से बढ़कर 20 मिलियन यात्री सालाना हो जाएगी। हालांकि, इस काम के लिए एयरलाइंस से कुछ उड़ानों को अस्थायी रूप से नवी मुंबई एयरपोर्ट पर शिफ्ट करने को कहा गया है।

एयरलाइंस और वैश्विक संस्था IATA ने खोला मोर्चा

दूसरी तरफ, इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट समेत अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस संस्था 'IATA' ने MIAL के इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। एयरलाइंस का कहना है कि दो अलग-अलग हवाई अड्डों के बीच अपने ऑपरेशन्स और टीमों को बांटने से काम की कुशलता प्रभावित होगी, कर्मचारियों को नई ट्रेनिंग देनी पड़ेगी और लागत में भारी बढ़ोतरी होगी। IATA ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर हस्तक्षेप की मांग की थी और आरोप लगाया था कि एयरलाइंस पर उड़ानों को जबरन शिफ्ट करने का दबाव बनाया जा रहा है।

91 प्रतिशत यात्रियों पर असर न होने का दावा

विवाद पर सफाई देते हुए अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने स्पष्ट किया है कि T1 के पुनर्विकास के दौरान मुंबई के कुल 55 मिलियन यात्रियों में से केवल 9 प्रतिशत (लगभग 5 मिलियन) पैसेंजर्स के ऑपरेशन्स ही प्रभावित होंगे। 91 प्रतिशत पैसेंजर ट्रैफिक पूरी तरह सुचारू रहेगा।

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ऑपरेटर का कहना है कि 2020 से ही एयरलाइंस के साथ इस विषय पर बातचीत चल रही है। अब सभी की निगाहें नागरिक उड्डयन मंत्रालय की इस बैठक पर टिकी हैं, जहां उम्मीद जताई जा रही है कि यात्रियों की सुरक्षा और उड़ानों के सुगम संचालन को ध्यान में रखते हुए कोई बीच का रास्ता निकाल लिया जाएगा।

Location :  Mumbai

Published :  5 October 2026, 11:32 AM IST

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