Maharashtra Crime: बीड में बस के भीतर रोते मिले दो मासूम बच्चे, प्रेमी संग भागी मां; नाना ने भी ठुकराया

महाराष्ट्र के बीड में एक महिला अपने दो मासूम बच्चों को सरकारी बस में रोता-बिलखता छोड़ प्रेमी संग फरार हो गई। बच्चों की जेब से मिले नोट के आधार पर जब पुलिस ने नाना से संपर्क किया, तो उन्होंने भी बच्चों को अपनाने से साफ मना कर दिया।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 21 May 2026, 1:03 PM IST
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Mumbai: महाराष्ट्र में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक चलती सरकारी बस में दो बेहद छोटे बच्चे लावारिस हालत में रोते-बिलखते पाए गए। बच्चे इतने छोटे थे कि वे ठीक से बोलकर अपना नाम या पता भी नहीं बता सकते थे।

बस में मौजूद सह-यात्रियों ने जब बच्चों की यह हालत देखी, तो उन्हें ढांढस बंधाया, खाने-पीने की चीजें और पानी दिया। इस सनसनीखेज मामले की जांच में जो सच सामने आया, उसने पुलिस और बाल कल्याण समिति के भी होश उड़ा दिए।

पॉकेट से मिली हाथ से लिखी पर्ची और मोबाइल नंबर

सफ़र के दौरान जब बस कंडक्टर की नजर इन अकेले रोते हुए बच्चों पर पड़ी, तो उसने तुरंत बीड के शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बाल कल्याण समिति (CWC) के साथ बच्चों को अपनी कस्टडी में लिया।

तलाशी के दौरान पुलिस को एक बच्चे की पैंट की जेब से हाथ से लिखी हुई एक पर्ची (नोट) मिली। इस नोट में लिखा था, 'इन बच्चों का कोई माता-पिता नहीं है। कृपया इन्हें यवतमाल भेज दें और यह सुनिश्चित करें कि ये सुरक्षित पहुँच जाएं।' इस पर्ची पर यवतमाल का एक पता और एक मोबाइल नंबर भी दर्ज था।

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सीसीटीवी फुटेज से खुला कलयुगी मां का राज

शिवाजीनगर पुलिस ने जब बस स्टैंड और रूट के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले और यात्रियों से पूछताछ की, तो एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। असल में, बच्चों की सगी मां ही उन्हें इस हालत में छोड़कर भागी थी। यवतमाल की रहने वाली यह महिला अपने दोनों नाबालिग बच्चों के साथ तुलजापुर-संभाजीनगर बस में सवार हुई थी। सफर के बीच रास्ते में ही वह बस से नीचे उतरी और पहले से इंतजार कर रहे अपने प्रेमी के साथ एक स्कूटर पर बैठकर रफूचक्कर हो गई। भागने से ठीक पहले उसने कथित तौर पर बच्चों की जेब में वह नोट डाल दिया था।

नाना ने बच्चों को अपनाने से किया इनकार, स्कूटर की जताई चिंता

पुलिस ने पर्ची पर लिखे मोबाइल नंबर के जरिए बच्चों के नाना से संपर्क किया और उन्हें 18 मई को बीड बुलाया। पुलिस को उम्मीद थी कि नाना बच्चों को संभाल लेंगे, लेकिन उनका रवैया बेहद हैरान करने वाला रहा। अधिकारियों के मुताबिक, नाना को अपने मासूम नाती-नातिन की भलाई या उनकी सुरक्षा की कोई चिंता नहीं थी। वे इस बात से नाराज थे कि उनकी बेटी उनका स्कूटर, मोबाइल फोन और 20,000 रुपये कैश लेकर भागी है। उन्होंने अपनी आर्थिक हानि का रोना रोया और बच्चों को अपने साथ ले जाने से साफ इनकार कर दिया।

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मजबूरन अनाथालय भेजे गए दोनों मासूम बच्चे

स्थानीय बाल कल्याण समिति और पुलिस ने नाना को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन जब उन्होंने बच्चों की जिम्मेदारी लेने से पूरी तरह हाथ खड़े कर दिए, तो पुलिस ने सुरक्षात्मक कदम उठाए। दोनों बेसहारा बच्चों को आधिकारिक तौर पर शिरूर कासार तहसील के अरवी गांव में स्थित एक बाल देखभाल गृह (Anathalay/Child Care Home) में भेज दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में कलयुगी मां और उसके प्रेमी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की आगे की तफ्तीश जारी है।

Location :  Mumbai

Published :  21 May 2026, 1:03 PM IST

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