कसम से मैंने कुछ नहीं पढ़ा से लेकर एग्जाम में टॉपर तक… क्या आपका दोस्त भी बोलता है ये 5 सफेद झूठ?

दोस्तों के सफेद झूठों पर बनी इस खास रिपोर्ट में जानिए उन 5 मजेदार बहानों के बारे में जो हर फ्रेंड सर्कल में खूब बोले जाते हैं। 5 मिनट में आने से लेकर बिना पढ़े टॉप करने तक के इन झूठों पर सोशल मीडिया पर भी मीम्स की धूम रहती है।

Updated : 3 August 2026, 3:58 PM IST
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New Delhi: परिवार के रिश्ते हमें खुद नहीं मिलते, लेकिन दोस्ती का खूबसूरत रिश्ता हम अपनी मर्जी से चुनते हैं। इस रिश्ते में प्यार, तकरार, मस्ती और इमोशंस का पूरा पैकेज होता है। हालांकि, दोस्तों के बीच बोले जाने वाले कुछ "सफेद झूठ" अब इतने कॉमन हो चुके हैं कि उन पर धड़ल्ले से मीम्स बन रहे हैं और ये सोशल मीडिया के पॉपुलर डायलॉग बन चुके हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 सबसे चर्चित झूठों के बारे में, जो हर फ्रेंड सर्कल में सुनने को मिलते हैं।

दोस्तों का सबसे पुराना झूठ

यह दोस्तों की दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे पुराना झूठ है। जब भी आप किसी प्लान के लिए निकलते हैं और दोस्त से पूछते हैं, तो उसका यही जवाब होता है कि "बस 5 मिनट में आ रहा हूँ।" भले ही वो अभी तक बिस्तर से न उठा हो, लेकिन उसका यह 5 मिनट वाला वादा अक्सर 1 घंटे के लंबे इंतजार में बदल जाता है।

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देखते हैं...

जब भी किसी ट्रिप का प्लान बनता है या शॉपिंग पर जाने की बात होती है, तो कई दोस्तों के मुंह से सीधा "हाँ" या "ना" नहीं निकलता। उनका यह छोटा सा शब्द "देखते हैं" असल में एक पोलाइट 'ना' होता है। इस बात को सोशल मीडिया के मीम्स ने बखूबी एक्सपोज कर दिया है।

कसम से, मैंने तो कुछ नहीं पढ़ा

परीक्षा के दिनों में रात को जब आप अपने किसी दोस्त को फोन करके उसकी तैयारी का हाल पूछते हैं, तो उधर से रटा-रटाया जवाब मिलता है- "कसम से यार, मैंने कुछ नहीं पढ़ा।" हैरानी की बात यह है कि यही 'कमजोर' दिखने वाला छात्र परीक्षा में सबसे आगे रहता है, जो इसे दोस्ती का एक यूनिवर्सल झूठ बनाता है।

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पेपर बहुत टफ था यार

परीक्षा खत्म होने के बाद एग्जाम हॉल से बाहर निकलते ही वही दोस्त जो रातभर "कुछ न पढ़ने" की कसम खा रहा था, अचानक गंभीर होकर कहता है कि पेपर बहुत कठिन आया था। सवाल यह उठता है कि अगर उसने कुछ नहीं पढ़ा था और पेपर वाकई टफ था, तो फिर उसके इतने शानदार नंबर कैसे आ जाते हैं?

भाई, जेब में फूटी कौड़ी तक नहीं है

दोस्तों के बीच पार्टी लेने या गिफ्ट देने की बात आते ही कुछ लोग अचानक गरीब बनने का नाटक करने लगते हैं। जेब में फूटी कौड़ी न होने का रोना रोने वाले ये दोस्त बिल चुकाने की बारी आते ही गायब हो जाते हैं। क्या आपने कभी गौर किया है कि इन दोस्तों की तरफ से "अगली पार्टी मेरी" वाला दिन कभी आता ही नहीं है?

Location :  New Delhi

Published :  3 August 2026, 3:58 PM IST

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