16 की उम्र में खोई सुनने की ताकत, न कोचिंग न ज्यादा वक्त… सिर्फ 4 महीने में 9वीं रैंक लाकर सौम्या शर्मा बनीं IAS

16 की उम्र में खोई सुनने की क्षमता, फिर भी नहीं मानी हार! दिल्ली की सौम्या शर्मा ने महज 4 महीने की सेल्फ स्टडी से UPSC 2017 में हासिल की AIR 9। जानिए IAS सौम्या शर्मा के जज्बे, संघर्ष और पहले ही प्रयास में मिली ऐतिहासिक सफलता की पूरी कहानी।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 9 August 2026, 12:52 PM IST
google-preferred

New Deli: जिंदगी में जब मुश्किलें रास्ता रोकती हैं, तो ज्यादातर लोग हार मान लेते हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो विपरीत परिस्थितियों को ही अपनी सफलता की सीढ़ी बना लेते हैं। ऐसी ही एक मिसाल हैं दिल्ली की रहने वाली IAS अधिकारी सौम्या शर्मा।

महज 16 साल की उम्र में जब उन्होंने अपनी सुनने की क्षमता पूरी तरह खो दी, तो किसी ने नहीं सोचा था कि यही लड़की एक दिन देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 9 हासिल करेगी। उनकी यह सफलता साबित करती है कि अगर इरादे बुलंद हों, तो कोई भी शारीरिक चुनौती आपके सपनों को रोक नहीं सकती।

डॉक्टरों के घर जन्मीं, कानून की पढ़ाई के बाद चुना सिविल सेवा का रास्ता

सौम्या मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली हैं। उनके माता-पिता डॉ. अशोक शर्मा और डॉ. लीना शर्मा पेशे से डॉक्टर हैं। घर में शुरू से ही पढ़ाई का बहुत अच्छा माहौल रहा, जिसने सौम्या को हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

हरियाणा में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 17 IAS और 7 HCS अधिकारियों का ट्रांसफर, देखें पूरी लिस्ट

अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने प्रतिष्ठित नेशनल लॉ स्कूल से वकालत (कानून) की पढ़ाई की। लॉ के दौरान ही उनके मन में समाज के लिए कुछ बड़ा करने की इच्छा जागी और उन्होंने देश की प्रशासनिक सेवा में जाने का फैसला कर लिया।

सिर्फ 4 महीने की स्मार्ट स्टडी और सेल्फ स्टडी का कमाल

UPSC की तैयारी में लोग सालों-साल लगा देते हैं, लेकिन सौम्या शर्मा ने साल 2017 की परीक्षा के लिए केवल 4 महीने की रणनीति बनाई। उन्होंने महंगे कोचिंग सेंटरों के चक्कर काटने के बजाय घर पर ही खुद पढ़ाई (Self Study) करने का रास्ता चुना।

वह रोजाना 10 से 15 घंटे तक लगातार पढ़ाई करती थीं। उन्होंने कम समय में पूरे पाठ्यक्रम को स्मार्ट तरीके से कवर किया। नतीजा यह रहा कि अपने पहले ही प्रयास में उन्होंने टॉप-10 में जगह बनाई और ऑल इंडिया 9वीं रैंक हासिल की।

जब मुख्य परीक्षा के दौरान बिगड़ी तबीयत

सौम्या की यह यात्रा केवल सुनने की क्षमता खोने तक की चुनौती तक सीमित नहीं थी। जब वह UPSC की मुख्य (Mains) परीक्षा दे रही थीं, तब उनकी तबीयत अचानक बहुत ज्यादा खराब हो गई। नौबत यहां तक आ गई कि परीक्षा के दिनों में उन्हें दिन में तीन बार सलाइन (ड्रिप) चढ़ानी पड़ती थी। तेज बुखार और कमजोरी के बावजूद उनके हाथों की कलम नहीं रुकी। उन्होंने दर्द और बीमारी को अपने लक्ष्य के आड़े नहीं आने दिया।

यूपी में 13 IAS अफसरों के तबादले, गोरखपुर के मंडलायुक्त समेत कई कमिश्नर बदले गए; देखिये सूची

युवाओं के लिए सौम्या शर्मा का सफलता मंत्र

सौम्या शर्मा का मानना है कि UPSC की परीक्षा पास करने के लिए किसी बड़ी कोचिंग से ज्यादा खुद पर भरोसा होना जरूरी है। उनका कहना है कि कोचिंग सिर्फ एक मार्गदर्शन दे सकती है, लेकिन परीक्षा क्रैक करने के लिए खुद की मेहनत ही काम आती है। जो अभ्यर्थी सही टाइम-टेबल, निरंतरता और ईमानदारी से सेल्फ स्टडी करते हैं, सफलता उनके कदम जरूर चूमती है।

Location :  New Delhi

Published :  9 August 2026, 12:52 PM IST

Related News

Advertisement