ईरान में लापता पायलट ने कहा “गॉड इज़ गुड”, अधिकारियों को हुआ शक; जानें क्या था अमेरिका का अनोखा मिशन?

ईरान के खतरनाक पहाड़ों में फंसा एक अमेरिकी एयरमैन, सीमित हथियार और टूटे संपर्क के बीच 48 घंटे तक जिंदा रहने की जंग लड़ता रहा। अचानक मिले एक संकेत ने पूरी कहानी बदल दी। क्या हुआ उस रात और कैसे हुआ रेस्क्यू जानें पूरी बात खबर में।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 6 April 2026, 8:53 AM IST
google-preferred

Tehran: ईरान के दक्षिण-पश्चिमी इलाके में फंसे अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल के वेपन सिस्टम्स ऑफिसर को 48 घंटे लंबे सर्च ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बचा लिया गया। शुक्रवार को विमान गिराए जाने के बाद पायलट तो तुरंत सुरक्षित निकाल लिया गया था, लेकिन दूसरा क्रू सदस्य लापता हो गया था। वह दुश्मन इलाके में अकेला था और अपनी जान बचाने के लिए लगातार स्थान बदलता रहा।

पहाड़ की दरार में छिपकर बचाई जान

लापता एयरमैन ने खुद को बचाने के लिए पहाड़ों के बीच एक दरार में छिपा लिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह लगभग 7,000 फीट ऊंची पहाड़ी रिजलाइन तक चढ़ गया था ताकि खोजी टीमों और दुश्मन की नजरों से दूर रह सके। उसके पास सुरक्षा के लिए सिर्फ एक हैंडगन थी, जबकि संपर्क बनाए रखने के लिए एक कम्युनिकेशन डिवाइस और ट्रैकिंग बीकन मौजूद था।

रेडियो मैसेज से पैदा हुआ भ्रम

इजेक्ट होने के बाद एयरमैन ने रेडियो पर तीन शब्द बोले, जिसने अमेरिकी अधिकारियों को कुछ समय के लिए भ्रम में डाल दिया। शुरुआती रिपोर्ट में इसे “पावर टू बी गॉड” समझा गया, जिससे शक हुआ कि कहीं वह दुश्मनों के कब्जे में तो नहीं है। हालांकि बाद में स्पष्ट हुआ कि उसने “गॉड इज़ गुड” कहा था, जो उसकी धार्मिक प्रवृत्ति को दर्शाता है। इसके बाद सर्च ऑपरेशन बिना रुकावट जारी रखा गया।

ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी, मंगलवार को होने वाला है ऐसा कदम जिसे दुनिया कभी नहीं भूलेगी

CIA ने ऐसे लगाया सटीक पता

करीब 24 घंटे तक एयरमैन की लोकेशन का कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिल सका। इसके बाद CIA ने अपनी विशेष तकनीकों और ट्रैकिंग क्षमताओं का इस्तेमाल करते हुए उसकी सटीक लोकेशन का पता लगाया। एजेंसी ने यह जानकारी तुरंत व्हाइट हाउस, पेंटागन और सेना के साथ साझा की। साथ ही एक भ्रामक सूचना अभियान भी चलाया गया ताकि दुश्मन को भ्रमित किया जा सके।

स्पेशल फोर्स का ऑपरेशन और रेस्क्यू

शनिवार रात स्पेशल फोर्स की एक टीम को एयरमैन के पास उतारा गया। इस दौरान रात भर संघर्ष की स्थिति बनी रही, लेकिन अंततः टीम उसे सुरक्षित निकालने में सफल रही। मिशन के दौरान अमेरिका ने एक खाली एयरस्ट्रिप का इस्तेमाल किया और सबूत मिटाने के लिए कुछ उपकरणों को खुद नष्ट भी किया गया।

रेस्क्यू के दौरान खतरे भी बढ़े

इस अभियान के दौरान एक अमेरिकी ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टर पर भी हमला हुआ, जिसमें कुछ लोग घायल हुए, हालांकि हेलीकॉप्टर सुरक्षित उतर गया। इसके बावजूद मिशन जारी रखा गया और किसी भी सदस्य की जान नहीं गई।

ईरान पर नया खतरा मंडराया! ऊर्जा सेक्टर पर नजर, जानें किस पल का हो रहा इंतजार

ट्रंप ने बताया ऐतिहासिक मिशन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को सैन्य इतिहास का एक अनोखा मिशन बताया। उन्होंने कहा कि दुश्मन के गहरे इलाके से दो पायलटों को अलग-अलग सुरक्षित निकालना एक बड़ी उपलब्धि है। ट्रंप के अनुसार, एयरमैन घायल जरूर हुआ है, लेकिन वह जल्द पूरी तरह ठीक हो जाएगा।

Location :  Tehran

Published :  6 April 2026, 8:53 AM IST

Advertisement