Middle East Crisis: जंग थामने उतरा रूस! ईरान को बड़ा ऑफर, लावरोव और अराघची की फोन पर अहम बातचीत

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच रूस ने ईरान को मध्यस्थता में मदद की पेशकश की है। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच बातचीत में युद्ध रोकने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा पर अहम सहमति बनी।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 21 April 2026, 9:18 AM IST
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New Delhi: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच रूस ने ईरान को मध्यस्थता में मदद की पेशकश की है। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब पूरे क्षेत्र में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और बड़े युद्ध की आशंका जताई जा रही है। रूस का यह कदम क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

विदेश मंत्रियों के बीच अहम बातचीत

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बातचीत कर यह प्रस्ताव रखा। बातचीत के दौरान लावरोव ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में चल रही जंग को और बढ़ने से रोकना बेहद जरूरी है। उन्होंने युद्धविराम बनाए रखने की अपील की, ताकि हालात नियंत्रण से बाहर न जाएं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा पर भरोसा

ईरान ने रूस को भरोसा दिलाया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले रूसी जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम है। ईरान ने कहा कि रूसी जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा और उनकी आवाजाही में किसी तरह की बाधा नहीं आने दी जाएगी।

बढ़ती जंग के बीच वैश्विक चिंता

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ गई है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर दुनिया भर में सतर्कता बढ़ी है। किसी भी तरह की अस्थिरता का असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।

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ईरान को रूस की रणनीतिक मदद

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव में रूस सीधे तौर पर शामिल नहीं है, लेकिन वह पर्दे के पीछे से ईरान की मदद कर रहा है। रूस एक रणनीतिक सहयोगी की भूमिका निभाते हुए खुफिया जानकारी, सैन्य उपकरण और अंतरराष्ट्रीय समर्थन उपलब्ध करा रहा है।

खुफिया और सैन्य सहयोग

रिपोर्ट्स के अनुसार रूस ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों और जहाजों से जुड़ी अहम जानकारी उपलब्ध करा रहा है। इसमें सैटेलाइट से मिलने वाली ताजा सूचनाएं भी शामिल हैं। इसके अलावा रूस ड्रोन और अन्य जरूरी सैन्य संसाधन भी ईरान को दे रहा है, जिससे उसकी सैन्य क्षमता मजबूत हो रही है।

कूटनीतिक स्तर पर समर्थन

राजनयिक मोर्चे पर भी रूस ईरान के साथ खड़ा नजर आ रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस ने चीन के साथ मिलकर अमेरिका के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की है। रूस ने ईरान के खिलाफ किसी भी सख्त प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया और कई मामलों में तटस्थ रुख अपनाया है।

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क्षेत्रीय स्थिरता पर नजर

रूस की यह पहल मिडिल ईस्ट में शांति बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हालांकि आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह कूटनीतिक प्रयास कितना सफल होता है और क्या इससे क्षेत्र में जारी तनाव कम हो पाता है।

Location :  New Delhi

Published :  21 April 2026, 9:18 AM IST

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