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नेपाल में बाढ़ से तबाही
काठमांडू: नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 538 पहुंच गई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। इस बीच तिब्बत सीमा पर हिमस्खलन से बनी झील का जलस्तर बढ़ने के बाद एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक आठ जिलों से शव बरामद किए जा चुके हैं। प्रशासन ने खतरे को देखते हुए बेहद सावधानी के साथ खोज और बचाव अभियान जारी रखा है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि नेपाल में आई आपदा के बाद अभी भी 320 भारतीय नागरिक लापता हैं। भारतीय और नेपाली एजेंसियां लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, करीब 400 भारतीय नागरिक चीन की तरफ फंसे हुए थे, हालांकि वे सभी सुरक्षित बताए गए हैं। वहीं, 96 अन्य भारतीय नागरिक सड़क मार्ग से नेपाल पहुंच चुके हैं।
नेपाल पुलिस के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित इलाकों से बड़ी संख्या में शव बरामद हुए हैं।
पुलिस के अनुसार, हादसे के तीसरे दिन भी राहत और बचाव अभियान जारी रहा। इसमें कुल 7451 सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं, जिनमें 2391 नेपाल सेना के जवान शामिल हैं।
नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने चेतावनी जारी की है कि जिस इलाके में इस सप्ताह की शुरुआत में भीषण बाढ़ आई थी, वहां एक झील का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे इलाके में दोबारा बाढ़ आने का खतरा पैदा हो गया है।
यह खतरा बुधवार को रसुवा और मध्य नेपाल के अन्य हिस्सों में आई भीषण बाढ़ के बाद सामने आया है, जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई और हजारों लोग प्रभावित हुए।
NDRRMA ने राहत और बचाव अभियान में जुटे कर्मियों के साथ-साथ भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि खतरे के संकेत मिलते ही तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं और नदी किनारे के इलाकों से दूरी बनाए रखें।
Location : Nepal
Published : 28 August 2026, 5:01 PM IST