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इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाएंगे PM मोदी (Img- Dynamite News)
New Delhi: इजराइल में 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से ठीक पांच दिन पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर एक खास निमंत्रण दिया है। नेतन्याहू ने मोदी को अगले साल इजराइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है।
इस घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रधानमंत्री मोदी इस निमंत्रण को स्वीकार कर इजराइल जाएंगे? फिलहाल आधिकारिक जानकारी में उनकी यात्रा की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि आने वाले महीनों में इस निमंत्रण को लेकर क्या फैसला होता है।
इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने 22 अक्टूबर को मोदी से फोन पर बातचीत के बाद सोशल मीडिया पर निमंत्रण की जानकारी साझा की। उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री को अपना मित्र बताते हुए कहा कि उन्हें इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर एक बहादुर भारतीय पायलट के साथ मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है।
नेतन्याहू के मुताबिक, मोदी ने निमंत्रण के लिए उनका धन्यवाद किया और दोनों देशों के पुराने संबंधों की सराहना की। हालांकि, निमंत्रण के लिए धन्यवाद देना यात्रा स्वीकार करने की आधिकारिक घोषणा नहीं है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि मोदी 2027 में इजराइल जाएंगे।
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इजराइल का स्वतंत्रता दिवस योम हा'अत्जमाउत कहलाता है। इस अवसर पर यरुशलम के माउंट हर्जल पर आयोजित होने वाला मशाल प्रज्वलन समारोह खास महत्व रखता है। इसमें देश के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया जाता है।
नेतन्याहू ने मोदी को इसी समारोह में हिस्सा लेने का न्योता दिया है। यदि भारतीय प्रधानमंत्री इसे स्वीकार करते हैं, तो उनकी संभावित यात्रा भारत और इजराइल के कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, कार्यक्रम में शामिल होने और मशाल जलाने के सम्मान के लिए औपचारिक प्रक्रिया भी मायने रखती है।
इजराइल में 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव को नेतन्याहू की सरकार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गाजा युद्ध और लेबनान तथा ईरान के साथ संघर्ष के बाद यह चुनाव सुरक्षा, युद्ध संबंधी नीतियों और सरकार के नेतृत्व जैसे मुद्दों के बीच हो रहा है।
ऐसे समय में मोदी को दिया गया निमंत्रण भारत के साथ मजबूत संबंधों को भी रेखांकित करता है। हालांकि, इस बातचीत को सीधे चुनावी रणनीति का हिस्सा बताने के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत और निमंत्रण की घोषणा चुनाव से पहले हुई है, लेकिन इसके पीछे की राजनीतिक मंशा पर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के बाद कहा कि दोनों नेताओं ने भारत-इजराइल संबंधों में जारी प्रगति की समीक्षा की और विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों ने पश्चिम एशिया के हालात पर भी विचार साझा किए और क्षेत्र में शांति तथा स्थिरता बहाल करने की तत्काल जरूरत पर जोर दिया।
मोदी ने संवाद और कूटनीति को आगे बढ़ने का रास्ता बताया। दोनों नेताओं ने संपर्क बनाए रखने पर भी सहमति जताई।
नेतन्याहू ने इससे पहले फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर को भी इजराइल आने और स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने का निमंत्रण दिया था। 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 में सह-पायलट के हमले के दौरान कैप्टन स्मित घायल हो गए थे। यात्रियों और क्रू की मदद से हमलावर को काबू किया गया और विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।
अब नेतन्याहू ने मोदी से सीधे बात कर इस निमंत्रण को दोहराया है। ऐसे में सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि क्या प्रधानमंत्री मोदी 2027 के समारोह में शामिल होने के लिए इजराइल जाने का फैसला करते हैं। फिलहाल उनकी यात्रा को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
Location : New Delhi
Published : 23 October 2026, 9:55 AM IST