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अमेरिका में FBI के हत्थे चढ़ा हिमांशु भाऊ
New Delhi: भारत में कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित गैंगस्टर हिमांशु भाऊ आखिरकार अमेरिका में पुलिस की पकड़ में आ गया है। हरियाणा के रोहतक से अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले हिमांशु भाऊ की गिरफ्तारी को भारतीय जांच एजेंसियों के लिए अहम कामयाबी माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने उसे लास वेगास में गिरफ्तार किया। अब सबसे बड़ा सवाल है कि भारतीय एजेंसियां उसे अमेरिका से भारत कैसे लाएंगी और उसकी गिरफ्तारी तक पुलिस कैसे पहुंची?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली और हरियाणा पुलिस की टीमें लंबे समय से हिमांशु भाऊ की तलाश कर रही थीं। उसकी लोकेशन का पता लगाने के लिए तकनीकी निगरानी के साथ मुखबिरों से मिली जानकारियों का सहारा लिया गया। इसके बाद भारतीय एजेंसियों ने अमेरिका की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ जरूरी जानकारी साझा की।
रिपोर्टों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के एक सूत्र के हवाले से बताया गया कि भारतीय एजेंसियों को हिमांशु भाऊ के लास वेगास में होने का सुराग मिला था। इसके बाद अमेरिकी अधिकारियों ने कार्रवाई की और उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, गिरफ्तारी के सटीक ऑपरेशनल विवरण और इस्तेमाल किए गए तकनीकी तरीकों को लेकर सभी जानकारियां सार्वजनिक नहीं हैं।
हिमांशु भाऊ के खिलाफ 2023 में इंटरपोल रेड नोटिस जारी किया गया था। उसके ऊपर दिल्ली और हरियाणा समेत कई क्षेत्रों में हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े 30 से अधिक मामले दर्ज होने की बात कही गई है।
हिमांशु भाऊ हरियाणा के रोहतक जिले के रिटौली गांव का रहने वाला है। रिपोर्टों के मुताबिक, उसने करीब 17 साल की उम्र में रोहतक की सब्जी मंडी के इलाके में जबरन वसूली से अपराध की दुनिया में कदम रखा था। बाद में उसका नाम कई गंभीर आपराधिक मामलों में सामने आया।
साल 2022 में हरियाणा में 24 घंटे के भीतर हुई तीन हत्याओं के मामलों में नाम सामने आने के बाद वह सुर्खियों में आया। पुलिस रिकॉर्ड और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसके गिरोह पर कारोबारियों, शराब ठेकेदारों और प्रॉपर्टी कारोबारियों से रंगदारी मांगने तथा डराने के लिए गोलीबारी कराने के आरोप हैं।
हिमांशु भाऊ के गिरोह का नाम 2025 में यूट्यूबर एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में भी सामने आया था। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में हुई कुछ अन्य आपराधिक घटनाओं से भी उसके नेटवर्क को जोड़ा गया है। इन मामलों में आरोपों और जिम्मेदारी के दावों का अंतिम निर्धारण संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया से होगा।

अमेरिका में गिरफ्तारी के बाद अब भारतीय एजेंसियों के सामने अगली बड़ी चुनौती हिमांशु भाऊ को भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया पूरी करना है। इसके लिए संबंधित भारतीय एजेंसियों को अमेरिकी अधिकारियों के साथ समन्वय करना होगा। भारत में दर्ज मामलों, गिरफ्तारी वारंट और अन्य कानूनी दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
यदि भारत सरकार प्रत्यर्पण का रास्ता अपनाती है, तो संबंधित अधिकारियों को जरूरी दस्तावेज और कानूनी आधार अमेरिकी प्रशासन के सामने रखने होंगे। इसके बाद अमेरिकी कानून के तहत संबंधित प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रत्यर्पण की स्थिति में कानूनी सुनवाई और अन्य औपचारिकताएं भी अहम हो सकती हैं। इसलिए गिरफ्तारी के तुरंत बाद भारत वापसी की तारीख तय मानना सही नहीं होगा।
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हिमांशु भाऊ के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस पहले से जारी था, लेकिन यह अपने आप में अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं होता। अब उसकी भारत वापसी और यहां दर्ज मामलों में आगे की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। यदि उसे भारत लाया जाता है, तो संबंधित पुलिस और जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर सकती हैं और मामलों के तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेंगी।
फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि अमेरिकी गिरफ्तारी के बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और भारतीय एजेंसियां हिमांशु भाऊ के आपराधिक नेटवर्क से जुड़े मामलों में क्या नए तथ्य सामने लाती हैं।
Location : New Delhi
Published : 24 October 2026, 10:50 AM IST