Cyclone Alert: बंगाल की खाड़ी में उठेगा चक्रवाती तूफान! 7 राज्यों में बारिश का अलर्ट, मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह

बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। मौसम विभाग ने ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका जताई है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 24 October 2026, 12:44 PM IST
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New Delhi: बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसम का सिस्टम आने वाले दिनों में बड़ा रूप ले सकता है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, कम दबाव का यह क्षेत्र 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसके असर से पूर्वी भारत के कई राज्यों में मौसम बदलने और तेज बारिश होने की आशंका है।

सबसे ज्यादा नजर ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों पर है। हालांकि, तूफान कहां पहुंचेगा और इसकी ताकत कितनी होगी, इस पर अभी नजर रखी जा रही है।

23 अक्टूबर को बना कम दबाव का क्षेत्र

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 23 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र बना। अनुमान है कि यह सिस्टम 24 अक्टूबर तक डिप्रेशन, 25 अक्टूबर तक गहरे डिप्रेशन और 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है।

इसके बाद यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट की ओर जा सकता है। हालांकि, इसके तट से टकराने की सही जगह और आगे की दिशा को लेकर अभी अंतिम तस्वीर साफ नहीं है।

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सात राज्यों में बदल सकता है मौसम

इस मौसम सिस्टम का असर ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में देखने को मिल सकता है। अलग-अलग इलाकों में बारिश की संभावना है, जबकि तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा ज्यादा रह सकता है।

हालांकि, सभी सात राज्यों में एक जैसी स्थिति रहने का अनुमान नहीं है। बारिश की मात्रा और मौसम का असर राज्य तथा जिले के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है।

ओडिशा और आंध्र प्रदेश में बढ़ेगी परेशानी?

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 27 से 29 अक्टूबर के बीच तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश की आशंका भी जताई गई है।

तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर सकता है। सड़कों पर जलभराव, यातायात में परेशानी और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी दिक्कतें भी सामने आ सकती हैं। तटीय इलाकों में तेज हवाओं के चलते पेड़ गिरने और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रह सकता है।

90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं हवा के झोंके

इस सिस्टम के मजबूत होने के साथ समुद्र में हवा की रफ्तार बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 26 अक्टूबर के आसपास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। तेज झोंके 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक चलने की आशंका है।

ऐसे हालात में समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं और मछुआरों के लिए जोखिम बढ़ सकता है। प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को न जाने की सलाह दी गई है। समुद्र में मौजूद लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

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क्या तट से टकराएगा तूफान?

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह सिस्टम कितना मजबूत होगा और किस तटीय इलाके की ओर बढ़ेगा। शुरुआती अनुमान उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा की ओर इसके बढ़ने की संभावना जता रहे हैं, लेकिन इसकी दिशा और तीव्रता में बदलाव हो सकता है।

तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए। भारी बारिश के दौरान जलभराव वाली सड़कों से गुजरने से बचें और तेज हवाओं के समय पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर इमारतों से दूरी बनाए रखें।

Location :  New Delhi

Published :  24 October 2026, 12:44 PM IST

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