चार साल बाद मिला इंसाफ: भारतीय छात्र कार्तिक हत्याकांड में दोषी को उम्रकैद

कनाडा के टोरंटो में भारतीय छात्र कार्तिक वासुदेव की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मानसिक बीमारी का हवाला देने वाली दलील खारिज कर दी गई। चार साल बाद परिवार को न्याय मिला।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 21 April 2026, 5:42 PM IST
google-preferred

New Delhi: कनाडा के टोरंटो से एक बड़ा फैसला सामने आया है, जिसने एक भारतीय परिवार को लंबा इंतजार खत्म होने के बाद राहत दी है। 21 वर्षीय छात्र कार्तिक वासुदेव की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस फैसले ने न सिर्फ एक जघन्य अपराध पर मुहर लगाई, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया कि मानसिक बीमारी का हवाला देकर गंभीर अपराधों से बचा नहीं जा सकता।

कोर्ट ने आरोपी को ठहराया दोषी

टोरंटो की उच्च न्यायालय की न्यायाधीश जेन केली ने आरोपी रिचर्ड एडविन को दो अलग-अलग मामलों में प्रथम श्रेणी हत्या का दोषी करार दिया। ये हत्याएं 7 अप्रैल और 9 अप्रैल 2022 को हुई थीं। अदालत ने आरोपी को बिना पैरोल की संभावना के आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह सजा मामले की गंभीरता और अपराध की प्रकृति को देखते हुए दी गई।

मानसिक बीमारी की दलील खारिज

बचाव पक्ष ने अदालत में यह दलील दी थी कि आरोपी सिजोफ्रेनिया जैसी मानसिक बीमारी से पीड़ित था और घटना के समय सही-गलत का फर्क समझने की स्थिति में नहीं था। हालांकि अदालत ने माना कि आरोपी मानसिक रूप से बीमार था, लेकिन यह दलील स्वीकार नहीं की कि वह अपने कृत्य की प्रकृति समझने में असमर्थ था। इसी आधार पर एनसीआर की याचिका खारिज कर दी गई।

पाल नहीं सकते तो शादी क्यों? हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, पति की अपील खारिज

कैसे हुआ था कार्तिक पर हमला?

फैसले के अनुसार, घटना के दिन कार्तिक वासुदेव शेरबोर्न स्टेशन के पास ब्लूर स्ट्रीट ईस्ट की सीढ़ियों की ओर जा रहे थे। तभी आरोपी तेजी से उनके पास से गुजरा, फिर वापस मुड़ा और उनकी पीठ पर कई गोलियां दाग दीं। इस अचानक हमले में कार्तिक की मौके पर ही मौत हो गई थी। शुरुआती रिपोर्ट्स में इसे लूटपाट से जुड़ा मामला बताया गया था।

सपनों के साथ गया था कनाडा

कार्तिक वासुदेव गाजियाबाद के रहने वाले थे और सेनेका कॉलेज में मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहे थे। वह जनवरी 2022 में उच्च शिक्षा के लिए कनाडा गए थे, लेकिन कुछ ही महीनों बाद उनकी हत्या ने परिवार को तोड़ दिया।

दिल्ली हाई कोर्ट से केजरीवाल को झटका, जस्टिस शर्मा ने Recusal से किया इनकार

अब मिला न्याय

कार्तिक के पिता जितेश वासुदेव ने बताया कि चार साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उन्हें आखिरकार न्याय मिला है। वह और उनकी पत्नी अंतिम सुनवाई के दौरान कनाडा में मौजूद थे। हत्या के बाद कार्तिक का शव भारत लाया गया था, जहां गाजियाबाद में हिंडन नदी के किनारे उनका अंतिम संस्कार किया गया था। छोटे भाई ने मुखाग्नि दी थी।

Location :  New Delhi

Published :  21 April 2026, 5:42 PM IST

Advertisement