महादेव बेटिंग ऐप केस में बड़ा एक्शन! दुबई में पकड़ा गया रवि उप्पल, अब भारत लाने की तैयारी तेज

महादेव बेटिंग ऐप मामले में एक बार फिर बड़ी हलचल मची है। ऐप के सह-संस्थापक रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई है। सौरभ चंद्राकर के भारत आने के कुछ दिन बाद हुई इस कार्रवाई ने जांच एजेंसियों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। हालांकि, UAE की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 4 November 2026, 7:46 PM IST
google-preferred

New Delhi: महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में भारतीय जांच एजेंसियों को एक और बड़ी कामयाबी मिलने की खबर सामने आई है। इस मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल और ऐप के सह-संस्थापक रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही उसके कारोबारी साझेदार सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया गया है।

हालांकि, रवि उप्पल की गिरफ्तारी को लेकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की ओर से भारत सरकार को अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। भारतीय एजेंसियों को यह जानकारी अनौपचारिक और विश्वसनीय सूत्रों के जरिए मिली है।

भारत लाने की तैयारी में ED और CBI

रवि उप्पल की गिरफ्तारी की खबर मिलने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) आगे की कार्रवाई में जुट गई हैं। दोनों एजेंसियां उचित माध्यमों से UAE के अधिकारियों के संपर्क में हैं और रवि उप्पल को जल्द से जल्द भारत लाने की कोशिश कर रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद एजेंसियां इससे जुड़ी अधिक जानकारी जुटा रही हैं।

ये भी पढ़ें- पहले शराब पिलाई फिर रस्सी से गला घोंटा और डुबो दिया, प्रतापगढ़ में लड़की के चक्कर में दोस्ती का कत्ल!

कौन है रवि उप्पल?

छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला रवि उप्पल महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप का सह-संस्थापक है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, वह सौरभ चंद्राकर के साथ मिलकर इस कथित अवैध बेटिंग सिंडिकेट को चलाने में अहम भूमिका निभाता था। इस मामले में करोड़ों रुपये के लेनदेन और कथित अवैध कमाई की जांच की जा रही है।

ये भी पढ़ें- Budaun News: दिवाली पर बदायूं को बड़ा तोहफा! 5 वार्डों में बनेंगी सड़कें, 90 LED लाइटों से जगमगाएंगे इलाके

पहले भी दुबई में हिरासत में लिया गया था

रवि उप्पल के खिलाफ अक्टूबर 2023 में इंटरपोल का रेड नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद दिसंबर 2023 में दुबई के अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया था। हालांकि, करीब 45 दिनों के भीतर उसे रिहा कर दिया गया। इसके बाद ED ने जनवरी 2024 में UAE को उसके प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध भेजा था।

Location :  New Delhi

Published :  4 November 2026, 7:46 PM IST

Advertisement