मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ‘The Voice of Hind Rajab’ पर विवाद गहराया, जानिये भारत में रिलीज पर क्यों लगी रोक?

ऑस्कर नॉमिनेटेड फिल्म ‘द वॉइस ऑफ हिंद रजब’ को भारत में सेंसर बोर्ड ने संवेदनशील कंटेंट और कूटनीतिक कारणों से रोक दिया है। गाजा संघर्ष पर आधारित यह फिल्म वैश्विक सराहना पा चुकी है, लेकिन भारत में विवादों में घिर गई है।

Updated : 23 March 2026, 7:24 PM IST
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New Delhi: इजराइल-ईरान तनाव और मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्षों के बीच ऑस्कर-नॉमिनेटेड फिल्म 'The Voice of Hind Rajab' भारत में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने इस फिल्म को भारत में रिलीज की मंजूरी नहीं दी है। इसके पीछे कारण फिल्म की संवेदनशील राजनीतिक और मानवीय विषय-वस्तु को बताया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, बोर्ड का मानना है कि फिल्म का कंटेंट भारत की कूटनीतिक स्थिति, विशेषकर इजरायल के साथ संबंधों पर असर डाल सकता है। हालांकि अब तक इस फैसले पर कोई औपचारिक सार्वजनिक आदेश जारी नहीं किया गया है, जिससे विवाद और बढ़ गया है।

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क्यों माना गया फिल्म को संवेदनशील?

फिल्म गाजा में इजरायली सैन्य कार्रवाई के दौरान एक 5 साल की बच्ची हिंद रजब हमादा की दुखद कहानी पर आधारित है। बताया जाता है कि 2024 के संघर्ष के दौरान जिस वाहन में वह मौजूद थी, उस पर 300 से अधिक गोलियां चली थीं। फिल्म में रेड क्रिसेंट टीम की उस कोशिश को भी दिखाया गया है, जिसमें वे बच्ची को बचाने का प्रयास करते हैं।

CBFC से जुड़े सूत्रों के अनुसार, फिल्म की कहानी एक विशेष पक्ष की पीड़ा को बेहद भावनात्मक तरीके से प्रस्तुत करती है, जो मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों में भारत के लिए कूटनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

भारत की कूटनीतिक स्थिति भी बनी वजह

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत इस समय मिडिल ईस्ट में एक संतुलित कूटनीतिक नीति अपनाए हुए है। एक ओर भारत के इजरायल के साथ रक्षा और तकनीकी संबंध मजबूत हैं, वहीं दूसरी ओर फिलिस्तीन के मुद्दे पर उसकी ऐतिहासिक संवेदनशीलता भी रही है। इसके अलावा ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत का रुख अपेक्षाकृत तटस्थ माना जाता है।

ऐसे में किसी भी ऐसी फिल्म का सार्वजनिक प्रदर्शन, जो किसी एक पक्ष की स्थिति को भावनात्मक रूप से केंद्र में रखती हो, सरकार और सेंसर बोर्ड के लिए संवेदनशील माना जा रहा है।

फिल्म की अंतरराष्ट्रीय पहचान

'The Voice of Hind Rajab' एक डॉक्यूड्रामा है, जिसे ट्यूनीशियाई निर्देशक कौथर बेन हानिया ने बनाया है। फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहना मिल चुकी है। इसे वेनिस फिल्म फेस्टिवल में ग्रैंड ज्यूरी प्राइज मिला और ऑस्कर 2026 के लिए नामांकन भी प्राप्त हुआ है।

प्रीमियर के दौरान फिल्म को 20 मिनट तक स्टैंडिंग ओवेशन मिला, जो इसकी भावनात्मक और सिनेमाई प्रभावशीलता को दर्शाता है। यह फिल्म अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और इटली जैसे देशों में रिलीज हो चुकी है।

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भारत में रिलीज पर विवाद

भारत में फिल्म के डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े मनोज नंदवाना ने दावा किया है कि CBFC के एक सदस्य ने निजी बातचीत में कहा था कि यह फिल्म भारत-इजरायल संबंधों को प्रभावित कर सकती है। उनका कहना है कि फिल्म को कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाया जा चुका है, यहां तक कि इजरायल में भी इसकी स्क्रीनिंग हो चुकी है, इसलिए भारत में रोक समझ से परे है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 23 March 2026, 7:24 PM IST

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