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गोरखपुर पुलिस की सबसे बड़ी स्ट्राइक (Img: Dynamite News)
Gorakhpur: ऑनलाइन टास्क और घर बैठे कमाई का झांसा देकर साइबर जालसाजों ने चिलुआताल क्षेत्र के एक व्यक्ति के पिता के खाते से 8 लाख 68 हजार 582 रुपये उड़ा लिए। ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित ने साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई।
चिलुआताल पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क टीम की तत्परता और लगातार की गई पैरवी के चलते ठगी की पूरी रकम वापस करा दी गई। शनिवार को पीड़ित के खाते में 8,68,582 रुपये वापस आने से परिवार ने राहत की सांस ली।
पुलिस के अनुसार, घटना 2 अप्रैल 2025 की है। अज्ञात साइबर ठगों ने ऑनलाइन टास्क और कमाई का लालच देकर पीड़ित के पिता के बैंक खाते से अलग-अलग प्रक्रिया के माध्यम से कुल 8,68,582 रुपये ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद जब पीड़ित ने अपनी धनराशि निकालने का प्रयास किया तो जालसाजों ने दोबारा 9.50 लाख रुपये जमा करने की मांग कर दी। इस मांग से पीड़ित को ठगी का संदेह हुआ और उसने तत्काल साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराई।
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शिकायत मिलते ही चिलुआताल थाने की साइबर हेल्प डेस्क टीम ने संबंधित बैंकिंग चैनल से समन्वय स्थापित कर ठगी की धनराशि को ट्रेस कराया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से रकम को होल्ड करा लिया गया। इसके बाद पीड़ित को धनराशि वापस कराने के लिए न्यायालय से आदेश प्राप्त किया गया।
पुलिस के मुताबिक, न्यायालय के आदेश के अनुपालन के दौरान Tata Capital Limited की ओर से आदेश के संबंध में आपत्ति और कानूनी कार्यवाही प्रस्तुत की गई। इसके बावजूद चिलुआताल पुलिस ने मामले में लगातार संबंधित बैंक अधिकारियों से पत्राचार, समन्वय और प्रभावी पैरवी जारी रखी। पुलिस की कोशिश आखिरकार रंग लाई और शनिवार 29 अगस्त को पीड़ित की पूरी रकम 8,68,582 रुपये वापस करा दी गई।
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पुलिस अधिकारियों ने साइबर ठगी से बचने के लिए लोगों से ऑनलाइन टास्क, निवेश, कमाई अथवा किसी भी तरह का लालच देने वाले अनजान लिंक और व्यक्तियों से सावधान रहने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध लेनदेन की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन और पुलिस से संपर्क करने को कहा गया है।
इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष सूरज सिंह, साइबर नोडल उपनिरीक्षक सच्चिदानंद पाण्डेय और आरक्षी विवेक चौरसिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
Location : Gorakhpur
Published : 29 August 2026, 7:05 PM IST