आरक्षण पर तकरार: चिराग पासवान ने मांझी और उनके बेटे का क्यों मांगा इस्तीफा, क्या एनडीए गठबंधन में दरार…

आरक्षण के मुद्दे पर बिहार के दो बड़े नेताओं चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के बीच सियासी तकरार अब खुलकर सामने आ गई है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मांझी के क्रीमी लेयर संबंधी रुख पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर दी है। उन्होंने बिहार सरकार में मंत्री मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन से भी इस्तीफा देने को कहा। चिराग ने कहा कि आरक्षण के आधार में बदलाव की बात है तो सदन में चर्चा होनी चाहिए।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 29 August 2026, 6:31 PM IST
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Patna: बिहार में आरक्षण के मुद्दे पर शुरू हुई सियासी बहस अब एनडीए के अंदर ही खुली जंग का रूप लेती दिख रही है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अपने ही सहयोगी और मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर सीधा हमला बोला है। चिराग ने क्रीमी लेयर के मुद्दे पर मांझी के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वह आरक्षण में क्रीमी लेयर का कॉन्सेप्ट लाना चाहते हैं तो पहले केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दें।

चिराग यहीं नहीं रुके। उन्होंने बिहार सरकार में मंत्री और जीतन राम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन से भी इस्तीफा देने की मांग कर दी। दोनों नेताओं के बीच आरक्षण को लेकर पिछले कुछ समय से बयानबाजी चल रही थी, लेकिन अब यह विवाद इतना बढ़ गया है कि एक-दूसरे के इस्तीफे की मांग तक पहुंच गया है।

चिराग ने मांझी को दिया सीधा चैलेंज

चिराग पासवान ने कहा कि अगर जीतन राम मांझी आरक्षण में क्रीमी लेयर का प्रावधान लाने की बात कर रहे हैं तो उन्हें पहले अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन को लेकर भी यही रुख अपनाया। चिराग ने कहा कि अगर वह इस मुद्दे पर अपनी अलग नीति और विचार के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं तो संतोष सुमन को भी बिहार सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए।

क्रीमी लेयर पर सदन में चर्चा की मांग

आरक्षण में क्रीमी लेयर को लेकर चिराग पासवान ने कहा कि अगर इस विषय पर चर्चा करनी है तो इसे संसद में लाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि संविधान और आरक्षण की व्यवस्था में बदलाव की बात हो रही है तो सभी पक्षों को लोकसभा के पटल पर आकर चर्चा करनी चाहिए। चिराग ने साफ कहा कि आरक्षण का आधार आर्थिक नहीं है।

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राहुल गांधी पर भी साधा निशाना

आरक्षण के मुद्दे पर चिराग पासवान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर आज समाज में भेदभाव मौजूद है तो इसके लिए कांग्रेस भी जिम्मेदार है, क्योंकि देश में लंबे समय तक कांग्रेस की सरकार रही है। चिराग ने सवाल उठाया कि कांग्रेस ने अपने लंबे शासनकाल में गरीबों, वंचितों और शोषित वर्गों के लिए क्या किया? उन्होंने राहुल गांधी से इस सवाल का जवाब देने की बात कही।

जंतर-मंतर के आंदोलन के बाद बढ़ी तकरार

आरक्षण को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बाद चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के बीच बयानबाजी तेज हुई है। मांझी लगातार आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा और उसमें बदलाव से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं। उनके बेटे संतोष कुमार सुमन ने भी शनिवार सुबह चिराग पासवान का नाम लिए बिना उन पर तीखा हमला बोला था। इसके बाद चिराग ने भी सीधे जीतन राम मांझी और संतोष कुमार सुमन का नाम लेते हुए जवाब दिया।

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एक ही गठबंधन, लेकिन आरक्षण पर अलग-अलग राय

चिराग पासवान और जीतन राम मांझी दोनों ही बिहार से आते हैं और दोनों मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री हैं। दोनों नेता एनडीए का हिस्सा हैं, लेकिन आरक्षण के मुद्दे पर उनके विचारों में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। एक तरफ मांझी आरक्षण में क्रीमी लेयर और समीक्षा जैसे मुद्दों की बात कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ चिराग पासवान आरक्षण के मौजूदा संवैधानिक आधार को लेकर बदलाव के खिलाफ अपना रुख जाहिर कर रहे हैं।

बेटे संतोष सुमन से भी मांगा इस्तीफा

चिराग पासवान ने सिर्फ जीतन राम मांझी को निशाने पर नहीं लिया, बल्कि उनके बेटे संतोष कुमार सुमन पर भी हमला बोला। संतोष सुमन बिहार सरकार में मंत्री हैं और उन्होंने भी आरक्षण के मुद्दे पर चिराग का नाम लिए बिना अपनी बात रखी थी। चिराग ने इसके जवाब में उनसे भी मंत्री पद से इस्तीफा देने को कहा।

Location :  Patna

Published :  29 August 2026, 6:31 PM IST

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