Gorakhpur News: 2020 में हुई वारदात, 2026 में आया ऐसा फैसला कि दोषियों के उड़ गए होश

गोरखपुर में उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन कनविक्शन अभियान को बड़ी सफलता मिली है। पिपराइच थाना क्षेत्र में वर्ष 2020 में दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास और 80 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

Gorakhpur: गोरखपुर में हत्या के प्रयास के एक चर्चित मामले में अदालत ने बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। उत्तर प्रदेश पुलिस के महत्वाकांक्षी "ऑपरेशन कनविक्शन" अभियान के तहत प्रभावी पैरवी और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर वर्ष 2020 में दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में तीन अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही न्यायालय ने तीनों दोषियों पर कुल 80 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस फैसले को अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश और कानून व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

पिपराइच थाना क्षेत्र का है मामला

पुलिस विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में पिपराइच थाना क्षेत्र में हत्या के प्रयास का एक गंभीर मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में थाना पिपराइच पर मुकदमा संख्या 695/2020 धारा 323, 325, 307, 452, 506 और 34 भारतीय दंड संहिता के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। मामले में लखेसार गांव निवासी हरिचरन, उसके पुत्र सोमनाथ और धर्मराज को आरोपी बनाया गया था। आरोप था कि तीनों ने मिलकर गंभीर हमला करते हुए हत्या के प्रयास जैसी संगीन वारदात को अंजाम दिया था।

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विवेचना के बाद दाखिल हुआ आरोप पत्र

घटना की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने मामले में पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी नियमित मॉनिटरिंग की गई और अभियोजन पक्ष को हर जरूरी तथ्य और साक्ष्य उपलब्ध कराए गए।

मजबूत पैरवी बनी सजा की वजह

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में थाना पिपराइच के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने पूरे मामले की लगातार निगरानी की। न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से मजबूत और प्रभावी पैरवी की गई। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों ने अभियुक्तों के खिलाफ आरोपों को साबित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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एडीजे-1 कोर्ट ने सुनाया फैसला

शनिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-1) गोरखपुर की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुनाया। अदालत ने हरिचरन, सोमनाथ और धर्मराज को हत्या के प्रयास सहित अन्य आरोपों में दोषी करार दिया। न्यायालय ने तीनों दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा उन पर कुल 80 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया। अदालत के इस फैसले के बाद दोषियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

Location :  Gorakhpur

Published :  7 June 2026, 12:21 AM IST

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