दशहरे पर रावण के साथ जलेगा सोनम रघुवंशी का पुतला, जानें शूर्पणखा से क्यों जोड़ा बेवफा माशूका का नाम?

इंदौर के महालक्ष्मी नगर दशहरा आयोजन में शूर्पणखा के पुतले पर सोनम रघुवंशी का नाम और चेहरा लगाए जाने पर रघुवंशी समाज भड़क उठा है। समाज ने आयोजन के विरोध में ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि नाम नहीं हटाया गया तो आंदोलन होगा। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 27 September 2025, 10:02 AM IST
google-preferred

Indore: इंदौर के महालक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड में दशहरे के अवसर पर होने वाले एक विशेष आयोजन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह आयोजन पारंपरिक रावण दहन के साथ-साथ "शूर्पणखा पुतला दहन" का है, लेकिन इस बार विवाद की वजह पुतले पर सोनम रघुवंशी का नाम और चेहरा प्रदर्शित किया जाना है। इसको लेकर रघुवंशी समाज ने तीव्र नाराज़गी जाहिर की है और आयोजन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

समाज के सैकड़ों प्रतिनिधियों ने विजयनगर थाने और जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई कि आयोजन से सोनम रघुवंशी का नाम हटाया जाए। समाज ने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो आयोजन को रद्द किया जाए अन्यथा समाज बड़े स्तर पर आंदोलन करेगा।

मिग-21 की विदाई: भारतीय वायुसेना का ऐतिहासिक विमान रिटायर, तेजस की होगी तैनाती

क्या है विवाद का कारण?

रघुवंशी समाज का कहना है कि धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजनों में किसी व्यक्ति विशेष को बुराई का प्रतीक बनाना न केवल अवैधानिक है, बल्कि समाज विरोधी भी है। समाज के मुताबिक शूर्पणखा के पुतले पर सोनम रघुवंशी का नाम और चेहरा लगाने से पूरे समाज की छवि को ठेस पहुंचती है।

"केस विचाराधीन है, दोष सिद्ध नहीं"

समाज की जिला अध्यक्ष पिंकी रघुवंशी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आयोजन में जिन महिलाओं के नाम और चेहरे शूर्पणखा के रूप में दर्शाए जा रहे हैं, वे अभी केवल आरोपी हैं, और उनके खिलाफ मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। ऐसे में दोष सिद्ध हुए बिना उन्हें सार्वजनिक रूप से कलंकित करना न केवल असंवैधानिक है, बल्कि यह महिला समाज का अपमान भी है।

यह कैसा पिता है? 13 वर्षीय बेटी को उतारा मौत के घाट, कारण जानकर पांव तले खिसक जाएगी जमीन

"सिर्फ महिलाओं को क्यों निशाना?"

राष्ट्रीय अध्यक्ष उमाशंकर रघुवंशी ने भी आयोजन पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संस्था जानबूझकर 11 हिंदू महिलाओं को ही टारगेट कर रही है, जबकि अपराधों में पुरुष भी बराबर के भागीदार होते हैं। उन्होंने पूछा कि क्या समाज में अपराध सिर्फ महिलाओं ने ही किए हैं? उन्होंने सोशल मीडिया और अखबारों में इस आयोजन के प्रचार को दुर्भावनापूर्ण करार दिया।

"परिवार की प्रतिष्ठा पर हमला"

सोनम रघुवंशी के भाई गोविंद रघुवंशी ने कहा कि यह आयोजन न सिर्फ उनकी बहन, बल्कि पूरे परिवार और समाज की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन को इस आयोजन को तुरंत निरस्त करना चाहिए, अन्यथा समाज सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा।

Location : 
  • Indore

Published : 
  • 27 September 2025, 10:02 AM IST

Related News

No related posts found.

Advertisement
Advertisement