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लखनऊ तिहरे हत्याकांड में पोस्टमार्टम से बड़ा खुलासा (IMG: Dynamite News)
Lucknow: लखनऊ में पति-पत्नी के विवाद ने जिस तरह एक पूरे परिवार को खत्म कर दिया, उसकी जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। मानस बाजपेयी, उसकी पत्नी दिव्या मिश्रा और बहन तूलिका की मौत के बाद कराए गए पोस्टमार्टम में भी घटना से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। डॉक्टरों के पैनल ने तीनों शवों का विस्तृत पोस्टमार्टम किया।
प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, दिव्या और तूलिका के सिर में गोली फंसी मिली, जबकि मानस के सिर से गोली आरपार हो गई थी। दिव्या के चेहरे और सिर पर चोट के छह निशान भी मिले हैं। इन चोटों ने पुलिस की जांच को और गंभीर बना दिया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और किस क्रम में तीनों की जान गई।
पुलिस की शुरुआती जांच में पारिवारिक विवाद और आर्थिक लेनदेन को इस घटना की अहम वजह माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि 18 अगस्त को पारिवारिक न्यायालय में मानस और दिव्या के तलाक के मामले की सुनवाई हुई थी। इसी दौरान दोनों के बीच गुजारा भत्ता यानी एलिमनी को लेकर तीखी बहस होने की बात सामने आई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि मानस ने घटना को अंजाम देने के लिए कथित तौर पर दो असलहे खरीदे थे। हालांकि, पुलिस अब इन हथियारों के स्रोत और उन्हें खरीदने की पूरी कहानी की जांच कर रही है। घटना के बाद मानस के घर से दो पिस्तौल और एक तमंचा बरामद होने की बात सामने आई थी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों का इस्तेमाल हत्या और आत्महत्या में किस तरह किया गया। पुलिस के मुताबिक मानस के पास किसी तरह का शस्त्र लाइसेंस नहीं था।
इस पूरे मामले में मानस के व्हाट्सऐप स्टेटस ने भी पुलिस और परिवार को चौंका दिया था। पत्नी की हत्या के बाद उसने कथित तौर पर स्टेटस लगाया था, जिसमें पत्नी की हत्या करने की बात लिखी थी और इसके बाद खुद और बहन को मारने की बात कही थी। स्टेटस देखने के बाद रिश्तेदारों को घटना की जानकारी हुई। वे मानस के हुसड़िया स्थित घर पहुंचे। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार आवाज लगाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला तो रिश्तेदारों ने दरवाजा तोड़ा। अंदर बेड पर मानस और उसकी बहन तूलिका के शव पड़े थे।
पूरा मामला गुरुवार को उस समय सामने आया, जब मानस ने अपनी पत्नी दिव्या की बैंक के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी। दिव्या आईसीआईसीआई बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर काम करती थीं। पुलिस के मुताबिक, मानस ऑटो से गोमतीनगर के मिठाई वाला चौराहा स्थित बैंक के बाहर पहुंचा था। इसी दौरान दिव्या काम से बाहर निकलीं और कार से नीचे उतरीं। आरोप है कि मानस ने उनके सिर पर गोली मार दी।
परिजनों के मुताबिक मानस अपनी छोटी बहन तूलिका से बेहद करीब था। तूलिका की तबीयत लंबे समय से ठीक नहीं थी और उसका इलाज चल रहा था। माता-पिता की मौत के बाद उसकी जिम्मेदारी भी मानस ही संभाल रहा था। रिश्तेदारों का कहना है कि मानस अपनी बहन को अकेला नहीं छोड़ना चाहता था। दूसरी तरफ दिव्या चाहती थीं कि मानस उनके साथ अलग रहे। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने का दावा किया जा रहा है।
मानस और दिव्या ने वर्ष 2017 में प्रेम विवाह किया था। शुरुआती दौर में दोनों की जिंदगी सामान्य चल रही थी। परिवार में बच्चे के आने की खुशी भी थी, लेकिन करीब पांच साल पहले दिव्या का गर्भपात हो गया। परिजनों के मुताबिक इस घटना का दोनों पर गहरा असर पड़ा। दोनों मानसिक रूप से परेशान रहने लगे और धीरे-धीरे उनके बीच दूरी बढ़ती चली गई। बाद में छोटे-छोटे विवाद गंभीर होते गए और पति-पत्नी के रिश्ते में तनाव बढ़ता गया।
मानस और दिव्या के बीच विवाद नया नहीं था। परिवार के मुताबिक दोनों में कई बार झगड़े हुए और बात इतनी बढ़ जाती थी कि रिश्तेदारों को बीच में आना पड़ता था। मानस के मामा अवधेश शुक्ला ने भी कई बार दोनों के बीच सुलह कराने की बात कही है। समय के साथ दोनों के बीच बातचीत कम होती चली गई। दिव्या ज्यादातर समय अपने मायके में रहने लगी थीं। इस दौरान दोनों के बीच तलाक का मामला भी कोर्ट पहुंच गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मानस ने इसी साल मार्च में पत्नी के साथ रहने के लिए अदालत में अर्जी दी थी। यानी एक तरफ दोनों के बीच तलाक का मुकदमा चल रहा था, वहीं दूसरी तरफ मानस पत्नी के साथ रिश्ता बचाने की कोशिश कर रहा था। रिश्तेदारों के मुताबिक मानस पत्नी पर शक भी करने लगा था। आरोप है कि वह दिव्या की गतिविधियों पर नजर रखता था और यह जानने की कोशिश करता था कि वह कहां जा रही हैं और किससे मिल रही हैं।
इस मामले की सबसे अहम कड़ी पति-पत्नी के रिश्ते की यही उलझी हुई तस्वीर है। एक तरफ दिव्या ने तलाक की अर्जी दाखिल कर रखी थी, वहीं मानस ने साथ रहने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। दोनों के बीच आर्थिक मामलों और गुजारा भत्ते को लेकर भी विवाद था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 18 अगस्त की सुनवाई के दौरान ऐसा क्या हुआ, जिससे मानस के व्यवहार में अचानक इतना बड़ा बदलाव आया।
मानस हुसड़िया चौराहे पर स्थित जिस मकान में रहता था, उसकी कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। परिवार में अब कोई प्रत्यक्ष उत्तराधिकारी नहीं बचा है। घटना के बाद पुलिस ने मकान को सील कर दिया है। शुक्रवार को घर और पोस्टमार्टम हाउस पर बड़ी संख्या में रिश्तेदार जुटे। परिजनों के बीच भी दूरी साफ नजर आई। दिव्या के बहनोई भरत यादव उनका शव लेकर बैकुंठ धाम पहुंचे, जहां सतीश चंद्र मिश्र ने अपनी बेटी को मुखाग्नि दी।
Location : Lucknow
Published : 22 August 2026, 1:11 PM IST