
गोरखपुर: जनपद के खजनी तहसील में खनन माफियाओं का आतंक अपने चरम पर है, जहां किसानों की खून-पसीने से सींची उपजाऊ जमीन रातों-रात लूट ली गई। हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र की ग्राम सभा उतरौला में माफियाओं ने जेसीबी और लोडर मशीनों से करीब पांच एकड़ से ज्यादा जमीन की मिट्टी खोदकर चुरा ली।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार पीड़ित किसान राम करन यादव, श्याम सुंदर द्विवेदी, इंद्रेश नारायण दुबे, बैकुंठ नाथ दुबे और अन्य की मेहनत पर पानी फिर गया, और स्थानीय प्रशासन की चुप्पी ने खनन कर्ताओ के हौसले और बुलंद कर दिए।
खेत देखकर फटी रह गईं आंखें
डाइनामाइट न्यूज रिपोर्ट अनुसार सोमवार की सुबह राम करन यादव अपने खेत पर बुआई के लिए ट्रैक्टर और बीज लेकर पहुंचे। लेकिन जो नजारा सामने था, उसने उनके पैरों तले जमीन खिसका दी। उनकी उपजाऊ जमीन एक रात में बंजर हो चुकी थी। मिट्टी गायब थी, और खेत में गड्ढों का मंजर था। राम करन ने बताया कि बैनामा के जरिए यह जमीन खरीदी थी। सालों की मेहनत से इसे उपजाऊ बनाया, लेकिन खनन माफियाओं ने उनकी जिंदगी पर ताला लगा दिया। आनन-फानन में उन्होंने डायल 112 पर कॉल की और एसडीएम खजनी को सूचना दी।माफियाओं का रात का खेल, प्रशासन की नींद राम करन और अन्य किसानों ने मीडिया के सामने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, "हमारी जमीन हमारी मां है, उपजाऊ भूमि की मिट्टी गायब कर देना हम किसान को किसानों का हनन है।
मिट्टी हमारी आजीविका
आरोप है चंदेश दुबे उर्फ चंदू और दयानिधान दुबे जैसे लोग के सह पर खनन माफिय ने रात के अंधेरे में हमारी जमीन की मिट्टी उठा ले गए ।" किसानों कहना है कि खनन माफिया बेखौफ होकर जेसीबी मशीनों से मिट्टी चुरा रहे हैं, और स्थानीय प्रशासन खामोश तमाशबीन बना हुआ है। कई बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे माफियाओं के हौसले सातवें आसमान पर हैं।पुलिस की खानापूरी, कार्रवाई पर सस्पेंस सूचना मिलते ही हरपुर बुदहट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों को थाने तलब किया।
लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब महज खानापूरी है। पहले भी ऐसी घटनाओं पर सिर्फ कागजी कार्रवाई हुई, और माफियाओं का कुछ नहीं बिगड़ा। खजनी क्षेत्र में महीनों से अवैध खनन का धंधा फल-फूल रहा है, जिससे न सिर्फ किसानों की आजीविका छिन रही है, बल्कि पर्यावरण को भी भारी नुकसान हो रहा है।माफियाओं का बुलंद हौसला, प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पीखजनी में अवैध खनन कोई नई कहानी नहीं है। स्थानीय लोग बताते हैं कि माफिया बिना किसी डर के दिन-रात मिट्टी चोरी कर रहे हैं। जेसीबी और लोडर मशीनों की गड़गड़ाहट रात भर गूंजती है, लेकिन प्रशासन के कानों तक ये आवाजें नहीं पहुंचतीं। पहले भी कई बार खनन की शिकायतें सुर्खियों में आईं, प्रशासन ने कार्रवाई के दावे किए, लेकिन हकीकत वही ढाक के तीन पात।
माफियाओं के खिलाफ कोई ठोस कदम न उठने से उनका मनोबल और बढ़ गया है। किसानों का गुस्सा, मांगें बुलंदपीड़ित किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो, उनकी बर्बाद जमीन का मुआवजा मिले, और अवैध खनन पर लगाम लगे। राम करन ने कहा, "हमारी जमीन वापस नहीं आएगी, लेकिन कम से कम दोषियों को सजा तो मिले, ताकि भविष्य में कोई और किसान इस दर्द से न गुजरे।" स्थानीय लोग भी प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं और माफियाओं के खिलाफ सड़क पर उतरने की चेतावनी दे रहे हैं।
Location : Gorakhpur
Published : 16 June 2025, 1:34 PM IST
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