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लखनऊ कोचिंग हादसा (Img- X)
Sitapur: लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए दर्दनाक कोचिंग सेंटर अग्निकांड ने कई परिवारों की जिंदगी बदल दी। इस हादसे में सीतापुर के आदित्य श्रीवास्तव की भी मौत हो गई थी। बेटे को खोने के बाद उसकी मां कल्पना श्रीवास्तव का दर्द अब गुस्से और इंसाफ की मांग में बदल गया है। कल्पना श्रीवास्तव ने हादसे के लिए लखनऊ प्रशासन और सिस्टम को जिम्मेदार ठहराते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते बचाव कार्य सही तरीके से किया जाता तो कई बच्चों की जान बच सकती थी।
आदित्य की मां कल्पना श्रीवास्तव ने कहा कि हादसे के जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि जिन लोगों की लापरवाही की वजह से बच्चों की मौत हुई, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों को दी गई आर्थिक मदद पर्याप्त नहीं है। उन्होंने हर प्रभावित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग रखी। कल्पना ने कहा कि उनका बेटा अब कभी वापस नहीं आएगा, लेकिन सरकार को बाकी परिवारों के भविष्य के लिए कदम उठाने चाहिए।
कल्पना श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि हादसे के समय प्रशासन की ओर से बचाव अभियान में देरी हुई। उनका कहना है कि अगर समय रहते सही कदम उठाए जाते तो 15 बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंचने के बाद भी स्थिति को संभालने में लापरवाही हुई। उनके मुताबिक इस मामले में सिर्फ जांच नहीं बल्कि जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात का जिक्र करते हुए कल्पना श्रीवास्तव ने कहा कि उन्होंने अपनी बात मुख्यमंत्री के सामने रखी। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री का दौरा होता है तो प्रशासन तुरंत व्यवस्था दुरुस्त कर देता है। सड़कें साफ हो जाती हैं, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो जाती है और हर चीज तेजी से होने लगती है। कल्पना ने सवाल उठाया कि अगर हादसे वाले दिन भी ऐसी ही तत्परता दिखाई जाती तो शायद कई बच्चों की जान बच सकती थी।
आदित्य की मां ने सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी बड़े अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति के बच्चे उस इमारत में फंसे होते तो शायद बचाव कार्य अलग तरीके से होता। उन्होंने आरोप लगाया कि आम परिवारों के बच्चों के साथ लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से इतना बड़ा हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद सिर्फ सांत्वना देने से परिवारों का दर्द कम नहीं होगा। दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड ने कई परिवारों से उनके सपने छीन लिए। जिन बच्चों के माता-पिता उन्हें बेहतर भविष्य देने के लिए पढ़ने भेजते थे, वही बच्चे हादसे का शिकार हो गए। आदित्य श्रीवास्तव का परिवार भी इसी दर्द से गुजर रहा है। मां का कहना है कि बेटे की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती, लेकिन सरकार को कम से कम पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना चाहिए।
कल्पना श्रीवास्तव ने कहा कि जांच के नाम पर मामले को दबाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि हादसे की निष्पक्ष जांच हो और जो भी लोग जिम्मेदार हैं, उन्हें सजा मिले। उनका कहना है कि सिर्फ कुछ दिनों की गिरफ्तारी से न्याय नहीं मिलेगा। जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
Location : Lucknow
Published : 25 June 2026, 11:05 AM IST