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उन्नाव रेप केस से जुड़े मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से कुलदीप सेंगर को बड़ा झटका लगा है। अदालत ने सेंगर की सजा रद्द करने की याचिका खारिज कर दी है।
New Delhi: उन्नाव रेप कांड से जुड़े मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। इस फैसले में भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने राहत देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। दरअसल, यह मामला उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की मौत से जुड़ा हुआ है। इस मामले में कुलदीप सेंगर ने हाई कोर्ट में याचिका ख़ारिज करते हुए जमानत मांगी थी।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की कस्टडी में हुई मौत से जुड़ा है। आरोप है कि पीड़िता के पिता को झूठे केस में फंसाकर पुलिस हिरासत में रखा गया था, जहां उनकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इस मामले में जांच के बाद पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी ठहराया गया और अदालत ने उन्हें 10 साल की सजा सुनाई थी। यह केस पहले ही देशभर में कानून व्यवस्था और राजनीतिक दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर चुका है।
दिल्ली हाई कोर्ट में क्या हुआ?
कुलदीप सिंह सेंगर ने अपनी सजा पर रोक लगाने और सजा माफी की मांग करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सेंगर की ओर से दलील दी गई कि उन्हें राहत दी जाए और सजा पर अस्थायी रोक लगाई जाए, लेकिन हाई कोर्ट ने उनकी याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया। अदालत ने माना कि मामला बेहद गंभीर है और इसमें दोषी को किसी भी तरह की राहत नहीं दी जा सकती।
सेंगर की बढ़ीं मुश्किलें
हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद कुलदीप सेंगर की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अब उन्हें हिरासत में मौत के मामले में मिली 10 साल की सजा पूरी करनी होगी। कोर्ट के रुख से यह साफ संदेश गया है कि कानून के सामने किसी की हैसियत या राजनीतिक पहचान मायने नहीं रखती। इस फैसले को पीड़िता के परिवार के लिए एक बड़ी कानूनी जीत के तौर पर देखा जा रहा है।