‘Himanshu Bhau Since 2020’ लिखकर देता था धमकी, रंगदारी नहीं मिलने पर हत्या का फरमान

हिमांशु भाऊ पर दिल्ली-एनसीआर में रंगदारी, फायरिंग और हत्या जैसी वारदातों में शामिल होने के आरोप हैं। ‘Since 2020’ से पहचान बनाने वाले इस गैंगस्टर को अमेरिका में हिरासत में लिए जाने के बाद भारत लाने की प्रक्रिया पर चर्चा तेज है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 25 October 2026, 10:18 AM IST
google-preferred

नई दिल्ली: दिल्ली, हरियाणा और आसपास के राज्यों में आपराधिक नेटवर्क खड़ा करने के आरोपी गैंगस्टर हिमांशु भाऊ का नाम कई चर्चित आपराधिक मामलों से जुड़ा रहा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, वर्ष 2020 से सक्रिय उसका गिरोह कारोबारियों, प्रॉपर्टी डीलरों और अन्य लोगों से रंगदारी मांगने, फायरिंग, अपहरण और हत्या जैसी वारदातों में कथित तौर पर शामिल रहा है। उसकी पहचान के साथ जुड़ा ‘हिमांशु भाऊ... सिंस 2020’ का जुमला भी चर्चा में रहा है। अब अमेरिका में उसकी हिरासत और भारत लाने की संभावित प्रक्रिया ने एक बार फिर उसे सुर्खियों में ला दिया है।

'Since 2020' के पीछे क्या है कहानी?

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक अधिकारी के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, हिमांशु भाऊ अपनी पोस्ट और चिट्ठियों पर ‘हिमांशु भाऊ... सिंस 2020’ लिखता था। आरोप है कि उसने दिल्ली और आसपास के इलाकों में पुराने गैंगस्टरों के नेटवर्क तथा उनके संपर्कों का इस्तेमाल करते हुए अपना प्रभाव बढ़ाया।

जांच से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, भाऊ ने नीरज बवाना सहित दूसरे गैंगस्टरों के साथ संपर्क स्थापित किए। इसके बाद उसने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अपना नेटवर्क मजबूत करने की कोशिश की। उसकी रंगदारी वसूलने की कथित शैली ने भी पुलिस का ध्यान खींचा। आरोप है कि रकम नहीं देने वाले लोगों को केवल फायरिंग से डराने के बजाय उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं।

दिल्ली पुलिस ने हिमांशु भाऊ पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। हालांकि, उसके गिरोह से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में उसकी प्रत्यक्ष भूमिका की पुष्टि संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही की जा सकती है।

बर्गर किंग हत्याकांड से कार शोरूम पर फायरिंग तक

हिमांशु भाऊ गिरोह का नाम दिल्ली की कई गंभीर आपराधिक घटनाओं में सामने आया है। जून 2024 में पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित बर्गर किंग आउटलेट में अमन जून की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात में भाऊ गिरोह के शूटरों की कथित भूमिका का जिक्र जांच से जुड़ी रिपोर्टों में हुआ।

दिल्ली के नारायणा और तिलक नगर इलाकों में कार शोरूम पर हुई फायरिंग की घटनाओं को भी रंगदारी के मामलों से जोड़कर देखा गया। आरोप है कि हमलावरों ने कारोबारियों को निशाना बनाकर भारी रकम की मांग की थी।

दिसंबर 2023 में द्वारका में एक रियल एस्टेट कारोबारी पर गोलीबारी और उससे एक करोड़ रुपये की कथित रंगदारी मांगने का मामला भी सामने आया था। इन घटनाओं ने राजधानी में कारोबारियों की सुरक्षा और संगठित अपराध के नेटवर्क को लेकर चिंता बढ़ाई थी।

जुलाई 2025 में दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल से कथित तौर पर उगाही की कोशिश किए जाने का मामला भी चर्चा में आया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बाद में रोहतक के डीघल में उसकी हत्या हुई थी। इन घटनाओं की जांच में अलग-अलग आरोपियों और उनकी कथित भूमिकाओं को स्थापित करना महत्वपूर्ण है।

17 साल की उम्र में हिरासत, बाल सुधार गृह से फरार होने का आरोप

दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, हिमांशु भाऊ को 17 साल की उम्र में एक विरोधी की हत्या के प्रयास के आरोप में हिरासत में लिया गया था। बताया जाता है कि वह वर्ष 2020 में हिसार के एक बाल सुधार गृह से फरार हो गया था। इसके बाद उसके विदेश पहुंचने और वहां से गिरोह का संचालन करने के आरोप सामने आए।

जांच एजेंसियों के अनुसार, वह कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों और पासपोर्ट का इस्तेमाल करके भारत से बाहर गया था। शुरुआती तौर पर उसके पुर्तगाल पहुंचने और बाद में अमेरिका में रहने की जानकारी सामने आई। उसके गिरोह के संबंध लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के विरोधी गुटों से बताए जाते हैं।

अमेरिका में हिरासत, भारत लाने की प्रक्रिया पर नजर

गृह मंत्रालय के अधिकारियों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, हिमांशु भाऊ को अमेरिका के लास वेगास से हिरासत में लिया गया है। बताया गया है कि वह अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन विभाग (ICE) की हिरासत में है। अधिकारियों के अनुसार, भारत में हत्या और रंगदारी समेत कई मामलों में वांछित भाऊ को शुरुआत में कथित तौर पर गलत जानकारी देने के आरोप में हिरासत में लिया गया था।

हरियाणा पुलिस की विशेष कार्य बल (STF) प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए भारत में इंटरपोल की नोडल एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के संपर्क में है। दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस भी इस प्रक्रिया में सहयोग कर रही हैं। नीरज फरीदपुरिया के प्रत्यर्पण से जुड़ी औपचारिकताओं पर भी काम किए जाने की जानकारी सामने आई है।

हिमांशु भाऊ को भारत लाने की प्रक्रिया में अमेरिकी कानूनी औपचारिकताएं और भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई अहम होंगी। उसके खिलाफ दर्ज मामलों में आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।

Location :  New Delhi

Published :  25 October 2026, 10:18 AM IST

Advertisement