Hathras News: 39 स्कूलों में संवैधानिक जागरूकता अभियान, संविधान दिवस पर होगी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता

हाथरस में 39 विद्यालयों के नोडल शिक्षकों को विधिक साक्षरता क्लबों के संचालन का प्रशिक्षण दिया गया। अब कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को संविधान, मौलिक अधिकारों और बाल संरक्षण कानूनों की जानकारी दी जाएगी। 26 नवंबर को संविधान दिवस पर जनपद स्तरीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित होगी।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 29 October 2026, 8:40 AM IST
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Hathras: विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने की पहल की जा रही है। हाथरस में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 39 विद्यालयों के नोडल शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है। अब ये शिक्षक कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को भारतीय संविधान, मौलिक अधिकारों और कानूनी सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां देंगे। वहीं, 26 नवंबर को संविधान दिवस पर जनपद स्तरीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।

39 विद्यालयों के शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों और जनपद न्यायाधीश विनय कुमार-तृतीय के आदेशानुसार विधिक साक्षरता क्लबों के नोडल शिक्षकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। बुधवार को जनपद न्यायालय के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में प्रशिक्षण के दूसरे दिन शिक्षकों को विद्यालयों में संवैधानिक जागरूकता अभियान चलाने की जानकारी दी गई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रभारी सचिव आकांक्षा गर्ग ने कहा कि इन क्लबों का उद्देश्य विद्यार्थियों में संविधान के प्रति सम्मान, अधिकारों की समझ और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदारी विकसित करना है।

39 विद्यालयों के शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण (Source: Dynamite News)

मौलिक अधिकारों से लेकर बाल संरक्षण कानून तक की जानकारी

प्रशिक्षण के पहले सत्र में न्यायिक मजिस्ट्रेट खुशबू चन्द्रा, सिविल जज अरिजीत सिंह और रोबिन कुमार ने संविधान निर्माण, प्रस्तावना, मौलिक अधिकारों, संवैधानिक उपचारों और राज्य के नीति-निदेशक तत्वों की जानकारी दी। शिक्षकों को अनुच्छेद 32 और 226 के महत्व के बारे में भी बताया गया।

दूसरे सत्र में चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल ऋतुराज सिंह और असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल आशुतोष गौतम ने विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की भूमिका समझाई। इसके साथ ही पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह निषेध कानून और बाल श्रम उन्मूलन से जुड़े प्रावधानों पर भी चर्चा की गई।

जरूरतमंदों को मुफ्त कानूनी सहायता कैसे मिलेगी?

तीसरे सत्र में मध्यस्थ अधिवक्ता रमेश चन्द्र वर्मा और संदीप वर्मा ने निःशुल्क विधिक सहायता तथा लोक अदालतों के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 39ए के तहत जरूरतमंद और पात्र लोगों को न्याय तक पहुंच उपलब्ध कराने के लिए निःशुल्क कानूनी सहायता का प्रावधान है।

राष्ट्रीय विधिक सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी भी दी गई। शिक्षकों से अपील की गई कि वे विद्यार्थियों के माध्यम से इस सुविधा के बारे में आम लोगों को जागरूक करें। लोक अदालतों में पात्र मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण कर समय और धन बचाया जा सकता है।

26 नवंबर को होगी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता

प्रशिक्षण के दौरान विद्यालयों में कानूनी जागरूकता से जुड़ी रचनात्मक गतिविधियां आयोजित करने की योजना भी तैयार की गई। आगामी 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर होने वाली जनपद स्तरीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के नियमों और तैयारियों के बारे में शिक्षकों को जानकारी दी गई। इस पहल से विद्यार्थियों को संविधान की समझ विकसित करने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनने का अवसर मिलेगा।

Location :  Hathras

Published :  29 October 2026, 8:40 AM IST

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