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छात्र-छात्राओं को NDRF ने सिखाए CPR और रेस्क्यू के गुण (IMG: Dynamite News)
Hathras: आपदा के समय कुछ मिनटों की सतर्कता किसी की जान बचा सकती है, लेकिन सही जानकारी और प्रशिक्षण के अभाव में छोटी-सी चूक भी बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए हाथरस जिले के मुरसान स्थित बीएचयू ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम ने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण दिया। मंगलवार को आयोजित इस कार्यक्रम में 600 से अधिक विद्यार्थियों और 15 से ज्यादा शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया।
मुरसान स्थित बीएचयू ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में यह कार्यक्रम जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और NDRF की गाजियाबाद टीम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। इसमें जिला विद्यालय निरीक्षक का भी सहयोग रहा। NDRF की 16 सदस्यीय टीम ने विद्यार्थियों को आपदा के दौरान जरूरी सावधानियों और राहत-बचाव के बुनियादी तरीकों की जानकारी दी। कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल के डायरेक्टर प्रदीप कुमार शर्मा ने किया। प्रधानाचार्या साक्षी वार्ष्णेय ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए बताया कि जिले में NDRF की टीम के माध्यम से सात दिवसीय आपदा बचाव प्रशिक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत विद्यालय में विद्यार्थियों और शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया, ताकि आपातकालीन स्थिति में वे घबराने के बजाय सही कदम उठा सकें।
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प्रशिक्षण के दौरान NDRF के जवानों ने विद्यार्थियों को प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ रासायनिक, जैविक, नाभिकीय और मानव निर्मित आपदाओं से बचाव के उपाय भी बताए। टीम ने समझाया कि बाढ़, बिजली दुर्घटना या किसी अन्य आपातकालीन स्थिति में किस तरह अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और किन गलतियों से बचना जरूरी है। विद्यार्थियों को बताया गया कि आपदा के समय अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय सही जानकारी पर ध्यान देना चाहिए। सुरक्षित स्थान पर पहुंचना, खतरे वाले क्षेत्र से दूर रहना और जरूरत पड़ने पर प्रशिक्षित राहतकर्मियों की मदद लेना बेहद जरूरी है।
छात्र-छात्राओं को NDRF ने सिखाए CPR और रेस्क्यू के गुण (IMG: Dynamite News)
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा CPR यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन का प्रशिक्षण रहा। NDRF की टीम ने डमी मॉडल के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया कि किसी व्यक्ति के बेहोश होने और सामान्य रूप से सांस न लेने जैसी गंभीर स्थिति में किस तरह मदद की जा सकती है। जवानों ने CPR की प्रक्रिया समझाते हुए बताया कि ऐसी स्थिति में सबसे पहले अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, व्यक्ति की प्रतिक्रिया और सामान्य सांस की जांच करनी चाहिए तथा तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलानी चाहिए। CPR की जरूरत होने पर प्रशिक्षित तरीके से छाती पर दबाव देने की प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया गया।
CPR के साथ NDRF की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया। विद्यार्थियों को समझाया गया कि किसी दुर्घटना या आपदा के बाद बिना स्थिति का आकलन किए खतरे वाले स्थान पर पहुंचना खुद के लिए भी जोखिम पैदा कर सकता है। टीम ने सुरक्षित बचाव, सावधानीपूर्वक कार्रवाई और राहत-बचाव दल के निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया। बाढ़ या अन्य संकट के समय फंसे लोगों की मदद करते हुए अपनी सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह भी दी गई।
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जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और NDRF की टीम के इस प्रशिक्षण अभियान का उद्देश्य जिले में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करना है। विद्यार्थियों और शिक्षकों को प्रशिक्षण देने से स्कूलों में आपदा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर शुरुआती स्तर पर सही कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है। इस तरह के कार्यक्रमों से राहत एवं बचाव कार्यों में शामिल विभागों के बीच समन्वय बेहतर बनाने और आम लोगों तक जरूरी जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। सात दिवसीय अभियान के तहत जिले में आपदा से बचाव के तरीकों को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
Location : Hathras
Published : 28 October 2026, 12:04 PM IST