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प्रतीकात्मक छवि (IMG: Pinterest)
Agra: आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर बाइक की टक्कर के बाद शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि कार से जा रहे अलीगढ़ के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ) अली मुस्तफा को एक बाइक सवार ने पहले गाली-गलौज की और फिर अपने 30-40 साथियों को बुलाकर उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने न्यायिक अधिकारी के पिता और गनर के साथ भी मारपीट की। परिवार को जान से मारने की धमकी देने और कार में आग लगाने की कोशिश करने का भी आरोप है। इस दौरान मुख्य आरोपी ने कार का पिछला शीशा तोड़ दिया। किसी तरह मौके से निकलकर न्यायिक अधिकारी ने अपने परिवार को सुरक्षित बचाया। मामले में पुलिस ने एक नामजद आरोपी और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
मामला आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर खंदौली क्षेत्र के मई चौराहे के पास का है। प्राथमिकी के मुताबिक, घटना 24 अक्टूबर की है। अलीगढ़ न्यायालय की कोर्ट संख्या पांच में तैनात अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अली मुस्तफा अपने पिता गुलाम मुस्तफा, मां और गनर के साथ लखनऊ से अलीगढ़ जा रहे थे। बताया गया है कि यमुना एक्सप्रेस-वे के खंदौली इंटरचेंज से उतरने के बाद वे आगरा-अलीगढ़ मार्ग पर पहुंचे। इसी दौरान मई चौराहे पर जवाहर इंटर कॉलेज के सामने एक बाइक सवार ने उनकी कार में चालक की तरफ टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद न्यायिक अधिकारी ने गाड़ी रुकवाई और बाइक सवार को गलत तरीके से वाहन चलाने के बारे में समझाने की कोशिश की।
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प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि बाइक सवार भूपेंद्र ने विवाद बढ़ने के बाद अपने समर्थन में करीब 30-40 लोगों को मौके पर बुला लिया। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने न्यायिक अधिकारी, उनके पिता और गनर के साथ मारपीट शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आरोप है कि हमलावरों ने न्यायिक अधिकारी और उनके परिवार के सदस्यों को घेर लिया। विवाद को शांत करने के बजाय उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
मामले में सबसे गंभीर आरोप कार में तोड़फोड़ और उसे आग के हवाले करने की कोशिश का है। शिकायत के मुताबिक, हमलावरों ने न्यायिक अधिकारी और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इसके साथ ही कार में आग लगाने का भी प्रयास किया गया। स्थिति बिगड़ती देख अली मुस्तफा ने वहां से निकलने का फैसला किया। आरोप है कि जब वह परिवार के साथ कार लेकर मौके से निकलने की कोशिश कर रहे थे, तभी मुख्य आरोपी भूपेंद्र ने हेलमेट या किसी अन्य वस्तु से कार के पिछले शीशे पर हमला कर दिया। इससे कार का पिछला शीशा टूट गया।
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न्यायिक अधिकारी ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि घटना के दौरान उन्होंने पुलिस की आपातकालीन सेवा डायल 112 पर सूचना दी थी, लेकिन मौके पर उन्हें सहायता नहीं मिल सकी। इसके बाद उन्होंने संबंधित थाना प्रभारी को फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। एक न्यायिक अधिकारी के साथ उनके परिवार और सुरक्षा में तैनात गनर के साथ मारपीट का आरोप सामने आने के बाद पुलिस की प्रतिक्रिया और आपातकालीन सहायता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, डायल 112 पर सूचना दिए जाने और मौके पर सहायता नहीं मिलने से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा पुलिस का विस्तृत पक्ष उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है।
घटना के संबंध में पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की है। इसमें भूपेंद्र निवासी गोविंदपुर, थाना सादाबाद, जनपद हाथरस को नामजद किया गया है। इसके अलावा करीब 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किए जाने की जानकारी है। फिलहाल उपलब्ध विवरण के अनुसार, मामला सड़क दुर्घटना के बाद हुए विवाद, मारपीट, धमकी और वाहन में तोड़फोड़ के आरोपों से जुड़ा है। आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर होगी। आरोपी के बीएसएफ में जवान होने के दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
Location : Agra
Published : 28 October 2026, 11:26 AM IST