आगरा में राष्ट्रीय क्षत्रिय महासंगम: 10 जनवरी को दिल्ली तक पैदल न्याय यात्रा का ऐलान, गूंजे ‘काला कानून वापस लो’ के नारे

आगरा के आरबीएस ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय क्षत्रिय महासंगम में 'काला कानून वापस लो' और 'यूजीसी रोलबैक' के नारे गूंजे। राजपूत करणी सेना प्रमुख महिपाल सिंह मकराना ने 10 जनवरी को आगरा से दिल्ली तक पदयात्रा का ऐलान किया है।

Updated : 26 October 2026, 9:16 AM IST
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Agra: विजयादशमी के पावन पर्व के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश के ताजनगरी आगरा स्थित आरबीएस ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय क्षत्रिय महासंगम का भव्य आयोजन किया गया। देशभर से जुटे विभिन्न क्षत्रिय संगठनों के प्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी में यह कार्यक्रम 'शौर्य से संकल्प तक' थीम पर आधारित रहा। इस दौरान जहां एक ओर समाज की एकजुटता, शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक समरसता पर विशेष जोर दिया गया, वहीं दूसरी ओर हालिया मुद्दों को लेकर तीखे तेवर भी देखने को मिले। कार्यक्रम स्थल पर 'काला कानून वापस लो' और 'यूजीसी रोलबैक' के नारों से पूरा ऑडिटोरियम गूंज उठा।

न्याय यात्रा का ऐलान और महिपाल सिंह मकराना का बयान

समारोह के दौरान सबसे बड़ा आकर्षण राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना का संबोधन और उनके द्वारा किया गया बड़ा ऐलान रहा। उन्होंने आगामी 10 जनवरी को आगरा से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक एक विशाल पैदल ‘न्याय यात्रा’ निकालने का आधिकारिक आह्वान किया।

अपने संबोधन में मकराना ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी खास जाति या संप्रदाय के विरोध में नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने सरकार और प्रशासन के सामने समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए हुंकार भरी।

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समाज की पहचान: सेवा, त्याग और एकजुटता

कार्यक्रम में मौजूद अन्य वरिष्ठ वक्ताओं और पदाधिकारियों ने भी क्षत्रिय समाज के गौरवशाली इतिहास और वर्तमान जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। मेघराज सिंह रॉयल ने अपने संबोधन में कहा कि समाज की असली पहचान केवल अधिकारों की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की सच्ची पहचान जनसेवा और निस्वार्थ त्याग में निहित है।

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जुटे देश भर के क्षत्रिय प्रतिनिधि (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)

वहीं, कार्यक्रम में शामिल हुए पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह ने मौजूद जनसमूह से आह्वान किया कि वे आपसी दूरियां मिटाकर एकजुट हों और अपनी वास्तविक शक्ति को पहचानें। वक्ताओं ने एक स्वर में यह माना कि आज के समय में क्षत्रिय समाज को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा, बेहतर चिकित्सा सुविधाओं और सामाजिक समरसता को मजबूत करना बेहद आवश्यक है।

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दिग्गज जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी

राष्ट्रीय क्षत्रिय महासंगम का यह आयोजन केवल वैचारिक मंथन तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें व्यापक जनभागीदारी भी देखने को मिली। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ मंजू भदौरिया सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे सैकड़ों लोग इस समारोह के गवाह बने।

Location :  Agra

Published :  26 October 2026, 9:16 AM IST

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