ग्रेटर नोएडा के पंजाब नेशनल बैंक में 35 करोड़ का स्कैम, FD तोड़कर दूसरे खातों में भेजे पैसे, 5 कर्मचारी सस्पेंड

ग्रेटर नोएडा के ऐच्छर गांव स्थित PNB शाखा में करीब 35 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। FD तोड़कर रकम दूसरे खातों में भेजने के आरोपों के बीच ब्रांच मैनेजर समेत पांच कर्मचारी सस्पेंड हैं। पुलिस को 16 शिकायतें मिली हैं और एंटी करप्शन टीम जांच कर रही है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 28 October 2026, 12:55 PM IST
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Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा में बैंक खाताधारकों की जमा-पूंजी पर कथित सेंधमारी का बड़ा मामला सामने आया है। ऐच्छर गांव स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा में करीब 35 करोड़ रुपये की रकम में गड़बड़ी का आरोप लगा है। शिकायतों के मुताबिक, कई खाताधारकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) समय से पहले तोड़कर रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई। किसी के खाते से लाखों रुपये गायब होने की शिकायत है, तो किसी की जिंदगी भर की जमा-पूंजी पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन ने ब्रांच मैनेजर समेत पांच कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, पुलिस और एंटी करप्शन टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हैं।

PNB की शाखा में 35 करोड़ रुपये की गड़बड़ी का आरोप

ग्रेटर नोएडा के ऐच्छर गांव स्थित PNB शाखा में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद खाताधारकों में चिंता बढ़ गई है। आरोप है कि बैंक के कुछ कर्मचारियों ने खाताधारकों की जानकारी या सहमति से जुड़ी परिस्थितियों पर सवाल खड़े करते हुए उनकी FD समय से पहले तोड़ी और रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी। कई ग्राहकों ने बैंक में जमा रकम गायब होने और FD खत्म होने की शिकायत की है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय ने ब्रांच मैनेजर समेत पांच कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। उनकी जगह दूसरे कर्मचारियों की तैनाती की गई है। उधर, बीटा-2 कोतवाली पुलिस को अब तक 16 लोगों ने शिकायत दी है। पुलिस शिकायतों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है।

ट्रांसपोर्टर के 25 लाख रुपये गायब होने की शिकायत

इस मामले में ऐच्छर गांव निवासी ट्रांसपोर्टर विनीत भाटी ने भी पुलिस से शिकायत की है। उन्होंने मंगलवार को बीटा-2 कोतवाली पहुंचकर अपने 25 लाख रुपये वापस दिलाने और बैंक कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की।

विनीत भाटी के मुताबिक, वह जय शिव ट्रांसपोर्ट नाम से फर्म चलाते हैं और बैंक में उनका करंट अकाउंट है। उन्होंने म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए बैंक कर्मचारियों से संपर्क किया था। आरोप है कि ब्रांच मैनेजर के कहने पर उन्होंने चेक और संबंधित ब्रोशर पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद रकम उनके सेविंग अकाउंट में आने के बजाय किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दी गई। विनीत का दावा है कि जिस खाते में रकम भेजी गई, उसे उनके नाम से बताया गया, लेकिन वह उनका अपना खाता नहीं था। अब इस पूरे लेनदेन की जांच की मांग की जा रही है।

नोएडा एयरपोर्ट के मुआवजे के एक करोड़ से ज्यादा रुपये गायब

इस मामले में एक और शिकायत ने खाताधारकों की चिंता बढ़ा दी है। एक खाताधारक के मुताबिक, उनकी मां की जमीन नोएडा एयरपोर्ट परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई थी। इसके बदले बैंक खाते में करीब 1 करोड़ 29 लाख रुपये का मुआवजा आया था। परिवार ने इसमें से केवल 15 लाख रुपये निकाले थे। खाताधारक का आरोप है कि अब खाते में एक करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम गायब है। अगर जांच में इस दावे की पुष्टि होती है, तो यह मामला बड़ी वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा कर सकता है।

खाताधारकों को पैसे लौटाने का भरोसा

बैंक से जुड़े लोगों ने प्रभावित खाताधारकों को भरोसा दिया है कि उनकी रकम बुधवार तक खातों में वापस आ जाएगी। हालांकि, रकम वापसी की इस बात की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और बैंक की ओर से पूरे मामले पर विस्तृत आधिकारिक जानकारी भी सामने नहीं आई है।

पुलिस और एंटी करप्शन टीम कर रही जांच

फिलहाल बीटा-2 कोतवाली पुलिस खाताधारकों की शिकायतों और संबंधित लेनदेन की जांच कर रही है। एंटी करप्शन टीम भी कथित गड़बड़ी की पड़ताल में जुटी है। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई, इसमें किन लोगों की भूमिका थी और खाताधारकों को हुए नुकसान की वास्तविक राशि कितनी है। अब सबकी नजर जांच के नतीजों और प्रभावित ग्राहकों की रकम वापस मिलने पर टिकी है।

Location :  Greater Noida

Published :  28 October 2026, 12:55 PM IST

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