करोड़ों के हेल्थ घोटाले में बड़ा एक्शन! पूर्व DGHS प्रमुख की गिरफ्तारी के बाद अब खुलेंगे कई बड़े राज?

दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कथित करोड़ों रुपये के घोटाले में पूर्व डीजीएचएस प्रमुख डॉ. वत्सला अग्रवाल और डिप्टी कंट्रोलर अकाउंट्स नीरज चोपड़ा को गिरफ्तार किया है। मामला दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और सर्जिकल सामान की खरीद में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 28 June 2026, 11:15 AM IST
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New Delhi: दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कथित करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) की पूर्व प्रमुख डॉ. वत्सला अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ डिप्टी कंट्रोलर अकाउंट्स नीरज चोपड़ा को भी हिरासत में लिया गया है। जांच एजेंसी का मानना है कि दोनों की भूमिका कथित वित्तीय अनियमितताओं में महत्वपूर्ण रही है।

पहले भी हो चुकी है एक गिरफ्तारी

इस मामले में एसीबी इससे पहले डॉ. विनोद कुमार रंगा को भी गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के दौरान उनसे पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई थीं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाते हुए अब डॉ. वत्सला अग्रवाल और नीरज चोपड़ा की गिरफ्तारी की गई है। दोनों से पूछताछ कर घोटाले की पूरी परतें खोलने की कोशिश की जा रही है।

दवाइयों और मेडिकल उपकरणों की खरीद में अनियमितता का आरोप

जांच के अनुसार, यह मामला स्वास्थ्य विभाग के लिए दवाइयों, सर्जिकल सामान और मेडिकल उपकरणों की खरीद में कथित वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़ा है। आरोप है कि सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) के माध्यम से कई सौ करोड़ रुपये की खरीद प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई और सरकारी धन के उपयोग में गंभीर अनियमितताएं हुईं।

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CPA की भूमिका भी जांच के दायरे में

सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी, DGHS के अधीन कार्य करती है और सरकारी अस्पतालों के लिए दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और अन्य आवश्यक सामग्री की खरीद की जिम्मेदारी निभाती है। एसीबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि खरीद प्रक्रिया में किस स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ और किन अधिकारियों की इसमें भूमिका रही।

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वित्तीय लेन-देन की हो रही गहन जांच

एंटी करप्शन ब्रांच पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। जांच में वित्तीय रिकॉर्ड, खरीद प्रक्रिया, भुगतान से जुड़े दस्तावेज और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियों की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

Location :  New Delhi

Published :  28 June 2026, 11:15 AM IST

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