मोबाइल और ऑनलाइन फ्रॉड से परेशान बाबा नगरी, OTP से Gift Card तक… साइबर ठगी के नए तरीके पकड़ में आए

देवघर में साइबर ठगी का जाल तेजी से फैल रहा था। जनवरी-मई 2026 में 70 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। OTP, Gift Card और Customer Care फ्रॉड के नए तरीके सामने आए। पुलिस अब सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रख रही है।

Updated : 20 May 2026, 11:45 AM IST
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Deoghar: देवघर की पहचान वर्षों से बाबा बैद्यनाथ धाम, श्रावणी मेला और आस्था की नगरी के रूप में रही है। लेकिन अब इस धार्मिक शहर के आसपास एक नई समस्या ने जन्म लिया है- साइबर अपराध। मोबाइल और इंटरनेट के जरिए लोगों की मेहनत की कमाई छिनने वाली ठगी अब गांवों तक पहुंच रही है।

साइबर ठगी का बढ़ता जाल

19 मई की देर शाम साइबर थाना देवघर ने इस गंभीर स्थिति पर एक बार फिर कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर डीएसपी राजा कुमार मित्र के नेतृत्व में छापेमारी में छह साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड और कई डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए।

आरोपी लोगों को फोन कर खुद को Flipkart या Amazon कस्टमर केयर, Airtel Payment Bank या Google Pay-PhonePe के कर्मचारी बताते थे। उनके झांसे में पढ़े-लिखे लोग भी आ जाते थे। “KYC अपडेट करें”, 'Gift Card रिडीम करें' जैसे बहाने से मिनटों में खाते से रकम गायब कर दी जाती थी।

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नेटवर्क का विस्तार कैसे हुआ?

विशेषज्ञ बताते हैं कि देवघर का भौगोलिक और सामाजिक परिदृश्य साइबर अपराध के फैलाव में योगदान दे रहा है। मोबाइल इंटरनेट की आसान पहुंच, बेरोजगारी और जल्दी पैसे कमाने की लालसा ने युवाओं को इस राह की ओर धकेला। गांवों में खेती से ज्यादा चर्चा अब ऑनलाइन कमाई की हो रही है।

कुछ युवाओं की अचानक बदलती जीवनशैली- महंगी बाइक, नया फोन, कुछ ही महीनों में पक्का मकान ने औरों को आकर्षित किया। धीरे-धीरे यह नेटवर्क कस्बों और गांवों तक फैल गया।

मार्च-मई 2026 की कार्रवाई

पिछले तीन महीनों में पुलिस ने कई चरणों में अभियान चलाए। मार्च में ऐसे युवकों को पकड़ा गया जिन्होंने बैंक अधिकारी बनकर OTP और KYC की जानकारी ली। अप्रैल में सीमावर्ती इलाके में ऑनलाइन शॉपिंग रिफंड और कस्टमर केयर फ्रॉड का खुलासा हुआ। मई में ताजा कार्रवाई में Gift Card, Payment Bank, QR Code और Customer Care Scam जैसे नए तरीके सामने आए।

जनवरी 2026 से अब तक का आंकड़ा

पुलिस सूत्रों के अनुसार जनवरी से मई 2026 तक 70 से अधिक साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से कई जमानत पर बाहर भी आए, लेकिन लगातार कार्रवाई से नेटवर्क अब खुलकर काम करने में बचने लगा है। पुलिस अब सिर्फ केस दर्ज नहीं कर रही, बल्कि संदिग्ध गतिविधियों और डिजिटल पैटर्न पर भी नजर रख रही है।

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युवाओं का साइबर अपराध की ओर रुझान

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है। ग्रामीण इलाकों में सीमित रोजगार, सोशल मीडिया पर जल्दी अमीर बनने की मानसिकता और दिखावटी जीवनशैली ने युवाओं को आकर्षित किया। कई परिवारों को यह भी पता नहीं चलता कि उनका बेटा मोबाइल पर क्या कर रहा है।

सांस्कृतिक और धार्मिक प्रभाव

देवघर हर साल लाखों श्रद्धालुओं का केंद्र है। साइबर अपराध की लगातार खबरें शहर की सामाजिक और सांस्कृतिक छवि को प्रभावित कर सकती हैं। प्रशासन अब इसे सिर्फ थाना का मामला नहीं, बल्कि जिले की प्रतिष्ठा से जुड़ा मुद्दा मान रहा है।

क्या सिर्फ गिरफ्तारियां ही समाधान हैं?

लोगों का मानना हैं कि सिर्फ गिरफ्तारी और मोबाइल जब्ती से नेटवर्क खत्म नहीं होगा। जब तक गांवों में रोजगार, डिजिटल जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी पर काम नहीं होगा, तब तक साइबर अपराध नए चेहरे और तरीकों के साथ लौटेगा।

Location :  Deoghar

Published :  20 May 2026, 11:45 AM IST

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