नोएडा में दीपिका नागर की मौत से पहले मारपीट का खुलासा, परिवार बोला- ससुराल पर हो सख्त कार्रवाई

ग्रेटर नोएडा में दीपिका नागर की संदिग्ध मौत मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मारपीट की पुष्टि हुई है। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। मोबाइल और स्कॉर्पियो अब तक गायब हैं, जिससे जांच पर सवाल उठ रहे हैं।

Updated : 25 May 2026, 9:58 AM IST
google-preferred

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में नवविवाहिता दीपिका नागर की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, मौत से पहले दीपिका के साथ मारपीट की गई थी। उसके शरीर पर मिले चोट के निशान इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि वह शारीरिक प्रताड़ना का शिकार हुई थी। इस खुलासे के बाद मामला और गंभीर हो गया है तथा हत्या की आशंका गहरा गई है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चोटों की पुष्टि

पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी शरीर पर चोट के निशान मिलने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट में हाथ, गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें दर्ज हैं। सूत्रों का कहना है कि इनमें से कई चोटें मौत से पहले की हैं। इसके बाद पुलिस अब इस एंगल से जांच कर रही है कि घटना से पहले दीपिका के साथ किसने मारपीट की और इस प्रताड़ना में कौन-कौन लोग शामिल थे।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है और जल्द ही चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की जाएगी। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने इलाके में सनसनी फैला दी है।

जब दीपिका नागर से नहीं लड़ता था ऋतिक तंवर तो छत से कैसे फेंक दिया? पड़ोसियों ने बताई अंदर की कहानी

परिजनों ने लगाए प्रताड़ना के आरोप

दीपिका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दीपिका लंबे समय से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही थी। परिवार के मुताबिक, दीपिका कई बार परेशान थी, लेकिन परिवार और समाज की इज्जत बचाने के लिए वह चुप रही।

परिजनों ने मुख्यमंत्री से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि आरोपियों के घर पर बुलडोजर कार्रवाई की जाए ताकि दोषियों को कड़ा संदेश मिल सके। मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

मोबाइल और स्कॉर्पियो अब तक गायब

मामले में एक और बड़ा सवाल दीपिका का मोबाइल फोन और स्कॉर्पियो गाड़ी को लेकर खड़ा हो गया है। परिवार का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक दोनों को बरामद नहीं कर सकी है। परिजनों का कहना है कि मोबाइल फोन में कई अहम चैट, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत मौजूद थे, जो मामले की सच्चाई सामने ला सकते थे।

परिवार ने आशंका जताई है कि सबूतों को मिटाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते मोबाइल और वाहन बरामद नहीं हुए तो कई महत्वपूर्ण तथ्य हमेशा के लिए गायब हो सकते हैं।

दीपक नागर हत्याकांड में डाइनामाइट न्यूज़ की ग्राउंड रिपोर्टिंग…मां की पुकार सुनिए योगी जी! बहन और बुआ के सवालों का कब दोगे जवाब?

72 घंटे का अल्टीमेटम खत्म, आंदोलन की चेतावनी

दीपिका के परिजनों ने बताया कि उन्होंने पुलिस को कार्रवाई के लिए 72 घंटे का समय दिया था। यह समय सीमा रविवार शाम को समाप्त हो गई, लेकिन अब तक फरार चाचा की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है और न ही मोबाइल व स्कॉर्पियो का कोई सुराग मिला है।

इसी को लेकर परिवार का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे। मामले ने पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना दिया है और अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

Location :  Greater Noida

Published :  25 May 2026, 9:58 AM IST

Advertisement