दिल्ली में मेडिकल टेंडरों में कमीशनखोरी का जिन्न बाहर, पंकज जैन के खिलाफ FIR; कौन है प्रदीप?

क्या दिल्ली सरकार में सब कुछ पारदर्शी है, या फिर टेंडरों में कमीशनखोरी का खुला खेल चल रहा है? डाइनामाइट न्यूज़ पर पढ़िए पूरी खबर।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 20 June 2026, 12:57 PM IST
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New Delhi: दिल्ली के लक्ष्मी नगर थाने में श्वेता अरोड़ा, पत्नी राजीव अरोड़ा, ने एक एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर संख्या 200/2026, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79 के तहत दर्ज की गई है। एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता के पति राजीव अरोड़ा मेडिकल व्यवसाय से जुड़े हैं। आरोप है कि पंकज जैन, पुत्र सत्य भूषण जैन, 8 जून की रात लगभग 10 बजे उनके घर पहुंचे और कहा कि उन्होंने प्रदीप के कहने पर राजीव अरोड़ा को मेडिकल के टेंडर दिलवाए थे, लेकिन उसका कमीशन अभी तक नहीं दिया गया है।

पंकज जैन पर लगे ये आरोप

शिकायत के मुताबिक, उस समय राजीव अरोड़ा घर पर मौजूद नहीं थे। इस पर श्वेता अरोड़ा ने पंकज जैन से बाद में आने को कहा। आरोप है कि इसके बाद पंकज जैन ने शिकायतकर्ता और उनकी सास के साथ गाली-गलौज की। घटना के दौरान शिकायतकर्ता के जेठ पंकज अरोड़ा भी घर पहुंच गए। उन्होंने भी पंकज जैन को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे शांत होने को तैयार नहीं थे। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अपने बेटे से पीसीआर पर कॉल करवाई। आरोप है कि पंकज जैन ने कहा कि उनकी पहुंच बहुत ऊपर तक है और वे पूरे परिवार को जान से मरवा देंगे तथा झूठे मामलों में फंसा देंगे।

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शिकायत के अनुसार, इसके बाद लक्ष्मी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पंकज जैन को अपने साथ ले गई। शिकायतकर्ता ने एफआईआर में कहा है कि यदि उनके परिवार के किसी सदस्य को कोई नुकसान होता है, तो इसके लिए पंकज जैन और प्रदीप जिम्मेदार होंगे। डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, घटना 8 जून की बताई जा रही है, जबकि एफआईआर लगभग दस दिन बाद दर्ज की गई। एफआईआर दर्ज होने में हुई देरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

विपक्षी नेताओं का आरोप

इसी मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि दिल्ली में नई सरकार के गठन के बाद मेडिकल टेंडरों में घपलों, अनियमितताओं और कथित कमीशनखोरी का खेल शुरू हो गया है। चर्चा यह भी है कि इस मामले में जिस प्रदीप का नाम सामने आ रहा है, वह दिल्ली की एक वरिष्ठ राजनीतिक हस्ती का रिश्तेदार बताया जा रहा है। अब इस पूरे प्रकरण में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग जोर पकड़ रही है। सवाल उठ रहे हैं कि यदि कमीशनखोरी के आरोपों में दम है, तो कथित तौर पर यह कमीशन किन-किन लोगों तक पहुंचना था और इसके पीछे पूरा नेटवर्क क्या है।

Location :  New Delhi

Published :  20 June 2026, 12:57 PM IST

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