इलाज या लापरवाही? बदायूं में नेशनल चाइल्ड हॉस्पिटल में 3 साल की बच्ची की मौत पर उठे गंभीर सवाल

तेज बुखार और निमोनिया से पीड़ित तीन साल की बच्ची की निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। आखिर बच्ची की जान कैसे गई? मामले में पुलिस ने क्या बताया?

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 13 October 2026, 8:28 PM IST
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Budaun: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के सहसवान में एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान तीन साल की बच्ची की मौत हो गई। मासूम की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलने पर सहसवान कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों व अस्पताल में मौजूद चिकित्सक से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, बच्ची को तेज बुखार और निमोनिया की शिकायत थी। हालांकि, घटना को लेकर परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों और इलाज की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

नेशनल चाइल्ड हॉस्पिटल में बच्ची की मौत

पूरा मामला सहसवान कोतवाली क्षेत्र में मंडी समिति के पास स्थित नेशनल चाइल्ड हॉस्पिटल का है। पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर 2026 को पीआरवी कर्मचारियों को सूचना मिली कि मोहल्ला मिर्धा टोला निवासी सुलेमान की तीन वर्षीय बेटी तेवा की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई है। बच्ची को उसी दिन अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई।

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तेज बुखार और निमोनिया से पीड़ित थी बच्ची

पुलिस के अनुसार, मौके पर पहुंचने के बाद अधिकारियों ने बच्ची के पिता सुलेमान और अस्पताल में मौजूद चिकित्सक से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान बताया गया कि बच्ची तेज बुखार और निमोनिया से पीड़ित थी और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए पिता से कहा। हालांकि, सुलेमान ने लिखित रूप से दिया कि वह अपनी बेटी के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते।

निजी अस्पतालों की व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद क्षेत्र में निजी अस्पतालों की व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में कमी के कारण कथित तौर पर अवैध अस्पताल संचालित हो रहे हैं और अनुभवहीन लोगों द्वारा इलाज किए जाने से मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।

हालांकि, नेशनल चाइल्ड हॉस्पिटल के लाइसेंस, वहां उपचार करने वाले चिकित्सकों की योग्यता और इस मामले में किसी तरह की चिकित्सकीय लापरवाही के संबंध में फिलहाल आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। बच्ची की मौत के वास्तविक कारण और इलाज से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

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पुलिस ने जुटाई घटना से जुड़ी जानकारी

सहसवान पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर परिजनों और चिकित्सक से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, बच्ची के पिता ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए लिखित सहमति दी है। मामले में अस्पताल की ओर से उपचार से संबंधित विस्तृत जानकारी और स्वास्थ्य विभाग की किसी कार्रवाई के बारे में फिलहाल आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है।

Location :  Budaun

Published :  13 October 2026, 8:28 PM IST

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