‘साहब! गवाह बिक सकते हैं, सबूत नहीं…’ औरैया के सबसे चर्चित मर्डर केस में यूं मिला पीड़ित परिवार को न्याय

औरैया के चर्चित पंचमुखी मंदिर भूमि विवाद में हुए दोहरे हत्याकांड में MP-MLA कोर्ट ने पूर्व MLC कमलेश पाठक समेत 10 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 21 August 2026, 12:01 PM IST
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Auraiya: औरैया में हुए हाई-प्रोफाइल दोहरे हत्याकांड मामले में कोर्ट का फैसला सिर्फ गवाहों के बयानों पर आधारित नहीं था। अहम सबूतों जैसे घटनास्थल से खून के नमूने, कपड़े, जूते, 24 तस्वीरें और चार वीडियो ने बचाव पक्ष की दलीलों को कमजोर कर दिया। MP-MLA कोर्ट ने पूर्व MLC कमलेश पाठक समेत दस दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

विवाद की जड़ में मंदिर की जमीन

यह मामला औरैया शहर के नारायणपुर इलाके में पंचमुखी मंदिर परिसर में मौजूद लगभग एक बीघा जमीन के एक टुकड़े से जुड़ा था। आरोप था कि पूर्व MLC कमलेश पाठक और पूर्व ब्लॉक प्रमुख संतोष पाठक समेत कई लोगों ने इस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की थी। वकील मंजुल चौबे ने इस कोशिश का विरोध किया था।

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15 मार्च 2020 को जब मंजुल के परिवार के सदस्य मंदिर में पूजा कर रहे थे, तो विवाद हिंसक हो गया। इसके बाद हुई गोलीबारी में मंजुल और उनकी चचेरी बहन सुधा की मौत हो गई।

खून से सनी मिट्टी एक अहम कड़ी साबित हुई

घटना के बाद, फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून से सनी मिट्टी और पीड़ितों के खून से सने कपड़े और जूते बरामद किए। इन चीजों को सील करके जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा गया। जांच रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि मिट्टी, कपड़ों और जूतों पर मिला खून पीड़ितों का ही था। इससे घटनास्थल और हत्याओं के बीच एक मजबूत वैज्ञानिक कड़ी स्थापित हुई।

चार वीडियो से उस दिन की घटनाओं का पता चला

स्थानीय लोगों द्वारा रिकॉर्ड किए गए चार वीडियो भी कोर्ट में पेश किए गए। एक वीडियो में लोगों को पत्थर फेंकते और गोलीबारी की आवाज सुनकर भीड़ को भागते हुए दिखाया गया। दूसरी गोली चलने की आवाज लगभग दस सेकंड बाद रिकॉर्ड हुई थी। अन्य वीडियो में गोलीबारी, गाली-गलौज और लोगों को अपनी जान बचाने के लिए भागते हुए दिखाया गया। इस फुटेज से अभियोजन पक्ष को घटनाओं के क्रम को फिर से समझने में मदद मिली।

24 तस्वीरों ने घटनाओं के क्रम को जोड़ने में मदद की

पुलिस और स्थानीय निवासियों द्वारा ली गई चौबीस तस्वीरें इस मामले में अहम साबित हुईं। इनमें घटनास्थल पर मौजूद गाड़ियों और मोटरसाइकिलों की तस्वीरें, कथित तौर पर बदली गई नंबर प्लेट, खून से सना फर्श, लाठियां लिए हुए लोग और मृतकों के शवों की तस्वीरें शामिल थीं। एक तस्वीर में एक चश्मदीद गवाह को चली हुई गोली के खोल (शेल) की ओर इशारा करते हुए दिखाया गया है।

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गवाह मुकरे, फिर भी सबूत मजबूत रहे

पुलिस ने इस मामले में 32 लोगों को गवाह बनाया था। इनमें से कुछ लोगों ने जिनमें एक पूर्व MLC का पर्सनल सिक्योरिटी गार्ड भी शामिल था बाद में कोर्ट में अपने बयान बदल दिए। इसके बावजूद फोरेंसिक रिपोर्ट, तस्वीरों और वीडियो जैसे सबूतों ने अभियोजन पक्ष के मामले को मजबूत बनाए रखा।

10 दोषियों को उम्रकैद की सजा

MP-MLA कोर्ट ने कमलेश पाठक समेत 10 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। फैसले के बाद शिकायतकर्ता आशीष चौबे और उनके चचेरे भाई संजय पंचमुखी मंदिर गए वही जगह जहां यह घटना हुई थी। उन्होंने भगवान बजरंगबली की पूजा की और प्रसाद चढ़ाया। इस बीच, ADG अनुपम कुलश्रेष्ठ ने पीड़ित परिवार से मिलकर उनका हाल-चाल जाना और पुलिस अधिकारियों को उनके लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

Location :  Auraiya

Published :  21 August 2026, 12:01 PM IST

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