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मैनपुरी में वृद्ध की दर्दनाक कहानी
मैनपुरी: जिले में 80 वर्षीय वृद्ध ने अपने बेटे और बहू द्वारा घर से निकालने की घटना का जिक्र करते हुए कहा मुझे बेटे-बहू ने घर से निकाल दिया है। आठ साल से दर-दर की ठोकरें खाने के बाद अब वृद्धाश्रम में रहने को मजबूर हूं।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता को मिली जानकारी के अनुसार, उनके शब्दों में दर्द और बेबसी साफ झलक रही थी। वृद्ध की आवाज लड़खड़ा रही थी, लेकिन उसकी वेदना ने अधिकारियों के दिल को छू लिया।
एडीजे ने वृद्ध को दी कानूनी जानकारी
अपर जिला जज कुलदीप सिंह ने वृद्ध की बात सुनी और उसे साहस देते हुए शांत कराया। जज ने त्वरित संज्ञान लेते हुए कहा कि वृद्ध को कानूनी निवारण के लिए जरूरी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने वृद्ध को सलाह दी कि वह अपने बेटे और बहू को संपत्ति से बेदखल करने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू करें। यह सुनकर वृद्ध के चेहरे पर हल्की राहत की लकीर आई।
दिव्यानी कमेटी का किया निरीक्षण
मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की एक उच्चस्तरीय कमेटी दीवानी रोड स्थित वृद्धाश्रम पहुंची। इसकी अध्यक्षता एडीजे चेतना चौहान कर रही थीं। सदस्य के रूप में एडीजे एफटीसी कुलदीप सिंह और एडीजे/सचिव कमल सिंह भी इस निरीक्षण में शामिल थे।
आश्रम का किया निरीक्षण और जांच
कमेटी ने आश्रम प्रभारी से पूछताछ की। पता चला कि वर्तमान में लगभग 92 वृद्धजन आश्रम में रह रहे हैं। अधिकारियों ने भोजन व्यवस्था और रजिस्टरों की भी गहन जांच की। निरीक्षण के दौरान पता चला कि वृद्धजनों को तोरई की सब्जी, दाल, चावल और रोटी दी जा रही है। आश्रम संचालिका कमलेश कुमारी इस समय मौजूद नहीं थीं, वह लखनऊ गई थीं। जज ने त्वरित संज्ञान लेते हुए कहा कि वृद्ध को कानूनी निवारण के लिए जरूरी कार्रवाई करनी चाहिए।
बेटे-बहू ने घर से निकाला
आश्रम के स्टाफ ने अधिकारियों को बताया कि वह वृद्धाश्रम के कार्यों में व्यस्त हैं। इसके बाद कमेटी ने वृद्धजनों से बातचीत की। इसी क्रम में एक 80 वर्षीय वृद्ध ने अपनी दर्दनाक कहानी साझा की। उसने कहा कि वह अपने घर में सुखी था, लेकिन बेटे-बहू ने उसे घर से निकाल दिया। उसकी बात सुनकर सभी का दिल दहल गया। जज ने त्वरित संज्ञान लेते हुए कहा कि वृद्ध को कानूनी निवारण के लिए जरूरी कार्रवाई करनी चाहिए।
Location : Mainpuri
Published : 10 June 2025, 7:58 PM IST
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