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छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में 26 नक्सलियों ने ‘पुणे मार्गेम’ योजना के तहत आत्मसमर्पण किया। इनमें 7 महिलाएं और 13 ऐसे थे जिन पर कुल 65 लाख रुपये का इनाम था। सभी को 50,000 रुपये की सहायता और पुनर्वास मिलेगा।
नक्सलियों ने सुकमा में किया आत्मसमर्पण (Img- Internet)
Sukma: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में बुधवार, 7 जनवरी को 26 नक्सली सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर गए। इस जानकारी की पुष्टि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने की। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इन 26 नक्सलियों में से 13 पर 65 लाख रुपये का इनाम था। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में सात महिलाएं भी शामिल थीं।
सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि सभी नक्सलियों ने राज्य सरकार की 'पुणे मार्गेम' योजना के तहत अपने सामान्य जीवन में लौटने का निर्णय लिया। इस योजना के तहत नक्सली अपने हथियार डालकर कानून और सुरक्षा बलों के सहयोग से सामाजिक और आर्थिक रूप से पुनर्वास प्राप्त कर सकते हैं। सभी नक्सलियों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सीआरपीएफ के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये नक्सली पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) की विभिन्न बटालियनों जैसे दक्षिण बस्तर डिवीजन, माड डिवीजन और आंध्र-ओडिशा बॉर्डर डिवीजन में सक्रिय थे। इनके शामिल होने वाले क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ के अभूझमाद, सुकमा और ओडिशा के सीमावर्ती इलाके शामिल हैं। ये नक्सली कई हिंसक घटनाओं में शामिल रहे हैं।
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नक्सली (Img- Internet)
इन नक्सलियों में प्रमुख रूप से 35 वर्षीय लाली उर्फ मुचाकी आयते लखमू शामिल थीं, जिन पर 10 लाख रुपये का इनाम था। लाली पर 2017 में कोरापुट रोड, ओडिशा पर हुए IED हमले में 14 सुरक्षाकर्मियों की शहादत में शामिल होने का आरोप है। इसके अलावा चार अन्य प्रमुख नक्सली हेमला लखमा (41), आसमिता उर्फ कमलू सन्नी (20), रामबती उर्फ पदम जोगी (21), और सुंदरम पाले (20) ने भी आत्मसमर्पण किया। इन चारों पर कुल 8 लाख रुपये का इनाम था। हेमला लखमा 2020 में सुकमा के मिनपा में हुए हमले में भी शामिल रही, जिसमें 17 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को 50,000 रुपये की तत्काल सहायता राशि प्रदान की गई है। इसके अलावा सरकार की नीति के अनुसार उनका सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास किया जाएगा। यह कदम न केवल इन नक्सलियों के भविष्य को सुरक्षित बनाएगा, बल्कि इलाके में शांति स्थापना में भी मदद करेगा।
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पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने शेष नक्सली संगठन से जुड़े लोगों से भी हिंसा छोड़ने और सामान्य जीवन अपनाने की अपील की। उन्होंने सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का आश्वासन दिया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार और सुरक्षा बल सभी आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सुरक्षा और पुनर्वास सुनिश्चित कर रहे हैं।