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प्रतीकात्मक छवि (फोटो सोर्स-इंटरनेट)
New Delhi: केंद्र सरकार ने सोने, चांदी और अन्य बहुमूल्य धातुओं के आयात पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार नई दरें 13 मई से लागू हो गई हैं। सरकार ने सोने और चांदी के आयात पर 10 फीसदी बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5 फीसदी एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। इसके बाद प्रभावी आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़कर 15 फीसदी हो गया है।
सरकार के इस फैसले के बाद देश में सोना-चांदी खरीदना और महंगा हो सकता है। माना जा रहा है कि इससे कीमती धातुओं की मांग में कमी आएगी और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटेगा। साथ ही इससे व्यापार घाटा कम करने और रुपये को मजबूती देने में मदद मिल सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए एक साल तक सोना खरीदने से बचने की अपील की थी। भारत दुनिया में चीन के बाद सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है और अपनी जरूरत का अधिकांश सोना आयात करता है।
भारत का सोना आयात लगातार बढ़ता रहा है। वर्ष 2025-26 में देश का सोने का आयात रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इससे पहले 2024-25 में यह 58 अरब डॉलर, 2023-24 में 45.54 अरब डॉलर और 2022-23 में करीब 35 अरब डॉलर था। लगातार बढ़ते आयात ने सरकार की चिंता बढ़ा दी थी।
सरकार का मानना है कि आयात शुल्क बढ़ाने से सोने और चांदी की मांग कम हो सकती है। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और चालू खाते के घाटे को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा रुपये को भी समर्थन मिलेगा। इस साल डॉलर के मुकाबले रुपये में करीब 6.5 फीसदी की गिरावट आई है और यह एशिया की कमजोर प्रदर्शन करने वाली मुद्राओं में शामिल रहा है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता ने कहा कि सरकार ने चालू खाते के घाटे को कम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि सोने और चांदी की कीमतें पहले से ही ऊंचे स्तर पर हैं, ऐसे में मांग पर असर पड़ सकता है।
सरकार के फैसले के बाद उद्योग जगत ने तस्करी बढ़ने की आशंका जताई है। जानकारों का कहना है कि 2024 में जब सरकार ने आयात शुल्क घटाया था, तब सोने की तस्करी में कमी आई थी। अब शुल्क बढ़ने से अवैध तरीके से सोना लाने वालों को ज्यादा मुनाफा हो सकता है।
मुंबई के एक बुलियन डीलर के अनुसार ग्रे मार्केट फिर सक्रिय हो सकता है क्योंकि मौजूदा कीमतों पर तस्करों को भारी कमाई होने की संभावना है।
सरकार पिछले कुछ समय से सोने और चांदी के आयात पर अंकुश लगाने की कोशिश कर रही थी। हाल ही में सरकार ने इनके आयात पर 3 फीसदी इंटीग्रेटेड जीएसटी लागू किया था। इसके चलते बैंकों ने एक महीने से अधिक समय तक आयात रोक दिया था।
Location : New Delhi
Published : 13 May 2026, 9:29 AM IST