समस्तीपुर का ‘मृत’ युवक नोएडा में जिंदा, 4 साल पहले दर्ज हुई थी हत्या की FIR; पिंडदान के बाद वापसी

समस्तीपुर के रोसड़ा में 4 साल पहले मूक-बधिर युवक की हत्या के आरोप में जेल गए आरोपी और पुलिस उस वक्त हैरान रह गए, जब 'मृत' घोषित रविशंकर नोएडा में जिंदा मिला। पिता ने 5 दिन पहले ही गया में उसका पिंडदान किया था।

Updated : 6 October 2026, 10:32 AM IST
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Samastipur: बिहार के समस्तीपुर जिले से एक ऐसा अजीबोगरीब और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने न्याय व्यवस्था और पुलिसिया जांच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चार साल पहले जिस मूक-बधिर युवक को पुलिस और परिजनों ने मृत मान लिया था और हत्या का केस दर्ज हुआ था, वह उत्तर प्रदेश के नोएडा में पूरी तरह सुरक्षित और जिंदा मिला है। इस घटना ने हर किसी को आश्चर्य में डाल दिया है।

लापता होने से लेकर हत्या की झूठी कहानी तक

यह पूरा मामला समस्तीपुर जिले के रोसड़ा थाना क्षेत्र के लालपुर गांव का है। चार साल पहले 1 जुलाई 2022 को मूक-बधिर युवक रविशंकर कुमार के पिता मदन यादव ने उसके अचानक लापता होने की थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

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समय बीतने के साथ परिजनों का शक गहराता गया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोग रविशंकर से मजदूरी करवाते थे और एक ट्रैक्टर दुर्घटना के दौरान उसकी मौत हो गई, जिसके बाद आरोपियों ने साक्ष्य छुपाने के लिए शव को गायब कर दिया। परिजनों की इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छुपाने का गंभीर मामला दर्ज किया।

सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी और हो गया पिंडदान

पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार लोगों को आरोपी बनाया। इनमें से सहदेव पंडित, मुकेश पंडित और ट्रैक्टर चालक छोटू महतो को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि चौथे आरोपी ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। हालांकि, ये सभी आरोपी फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर हैं।

चार साल तक कोई सुराग न मिलने के कारण परिवार ने यह मान लिया था कि रविशंकर अब इस दुनिया में नहीं है। सबसे दिलचस्प और मार्मिक बात यह रही कि रविशंकर के जिंदा मिलने से ठीक पांच दिन पहले ही उसके पिता ने गयाजी के प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में जाकर अपने जीवित बेटे का पिंडदान तक कर दिया था।

नोएडा की एक फल की दुकान पर मिली नई जिंदगी

किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। आगामी गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर 2026 को लालपुर गांव के ही रहने वाले आकाश कुमार, जो नोएडा में रहकर मजदूरी करते हैं, किसी काम से बाहर निकल रहे थे। रास्ते में एक फल की दुकान पर उनकी नजर वहां काम कर रहे एक युवक पर पड़ी।

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आकाश ने तुरंत उसे पहचान लिया कि यह कोई और नहीं बल्कि लापता रविशंकर ही है। उन्होंने बिना देर किए तुरंत गांव के मुखिया और रविशंकर के परिजनों को इस बात की सूचना दी।

पुलिस के हवाले हुआ युवक, अब नए सिरे से होगी जांच

सूचना मिलते ही ग्रामीण तुरंत नोएडा पहुंचे और रविशंकर को ट्रेन के जरिए समस्तीपुर वापस ले आए। इसके बाद 4 अक्टूबर 2026 को उसे रोसड़ा थाने की पुलिस के हवाले कर दिया गया। चार साल से मृत समझकर जिस युवक के लिए केस लड़ा जा रहा था, उसे अचानक अपने सामने जिंदा खड़ा देख थाने के पुलिसकर्मी भी हक्के-बक्के रह गए।

इस खुलासे के बाद ग्रामीण और आरोपी पक्ष दोनों सकते में हैं। अब वे तत्कालीन जांच अधिकारियों और थानाध्यक्ष के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ मानहानि के मुआवजे की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, रोसड़ा पुलिस ने मूक-बधिर युवक रविशंकर के बयान दर्ज कर लिए हैं और इस अनूठे मामले की नए सिरे से जांच शुरू कर दी है।

Location :  Samastipur

Published :  6 October 2026, 10:32 AM IST

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