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बिहार के मुजफ्फरपुर में एक बड़ी दुर्घटना घटी है, जहां एक सरकारी भवन की छत अचानक ही गिर पड़ी। पूरी घटना जानने के लिए पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की ये रिपोर्ट
सरकारी भवन की गिरी छत
मुजफ्फरपुर: बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर शहर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां साहेबगंज नगर परिषद वार्ड नम्बर 3 के पानी टंकी के समीप एक बड़ी दुर्घटना घटी है। बता दें कि मंगलवार की अहले सुबह आंधी पानी में छत गिरने से पीएचईडी विभाग में अस्सिटेंट सुपरवाइजर(चापाकल खालासी) के रूप में कार्यरत एक व्यक्ति की मौत हो गई।
मृतक की हुई पहचान
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता को मिली जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में एक महिला भी घायल हो गई। मृतक की पहचान किशनगंज जिला के बांसवारी गांव निवासी डॉ. इसहाख साहब के पुत्र मो. असरूदीन साहब उर्फ मजनू (उम्र 59 साल) के रूप में हुई है। घटना के समय घर में एक महिला थी, वह भी घायल हो गई।
जांच पड़ताल में जुटी पुलिस
मजनू साहेबगंज ब्लॉक में पीएचईडी विभाग में अस्सिटेंट सुपरवाइजर(चापाकल खालासी) के रूप में कार्यरत थे और 35-40 सालों से रह रहे थे। सूचना मिलने पर तुरंत थाना अध्यक्ष सिकंदर कुमार एसआई पुनीत कुमार घटनास्थल पर पहुंचे और जांच पड़ताल में जुट गए। यही नहीं, सूचना मिलने पर जन प्रतिनिधियों तथा लोगों की भी भाड़ी भीड़ जमा हो गई।
घायल महिला ने बताया हादसे का पूरा सच
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि घायल महिला ने हादसे को लेकर बताया कि 4 बजकर 30 मिनट के करीब तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हुई। जिसके बाद मैं उठ कर मजनू को बाहर चलने के लिए बोली। तब तक छत नीचे गिर गई किनारे पर होने के कारण मेरी जान बच गई।
विभागीय जेई शमीमा पहुंचे घटनास्थल
सूचना पर विभागीय जेई शमीमा स्थल पर पहुंची। मलबे में दबे शव को निकालने के लिए सीओ पिंकी राय ने नगर परिषद के ईओ से बात कर मशीन उपकरण भेजवाया, लेकिन भवन के अंदर शव और मलबा होने के कारण पुलिस व स्थानीय लोगों के सहयोग से मलबे को हटवाया। शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
महिला ने पीएचईडी पर लगाया गंभीर आरोप
हादसे को लेकर महिला ने आरोप लगाया कि विभाग कि तरफ से मजनू को यह घर आवंटित हुआ था जो जंजर हो गया था। मजनू ने जंजर भवन की शिकायत कई बार विभाग को की थी। सूचना पर पहुंची पीएचईडी विभाग की जेई समीमा ने महिला का आरोपों को गलत बताया और कहा कि यह मकान स्टोर रूम था, जिसका उपयोग मो असरूदीन रहने के लिए कर रहे थे। विभाग के तरफ से आवंटन की बात को नकारा गया। इस दौरान पीएचईडी ने कहां कि मो असरूदीन को रहने के लिए उनको अलग से भता दिया जाता था।