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आरजेडी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है। सूत्रों के अनुसार पार्टी सुप्रीमो लालू यादव ने तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा की। पढ़ें पूरी रिपोर्ट
RJD को मिला नया राष्ट्रीय अध्यक्ष
Patna: पटना। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक रविवार को पटना के मौर्या होटल में आयोजित की गई। इस बैठक में तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया। राजद के लिए यह दिन संगठनात्मक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व ने तेजस्वी यादव को बड़ी जिम्मेदारी सौंपकर भविष्य की राजनीति के संकेत दे दिए हैं।
राजद की यह बैठक पटना के मौर्या होटल में आयोजित की गई, जिसमें पार्टी के शीर्ष नेता और देशभर से आए कार्यकारिणी सदस्य शामिल हुए। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, राज्यसभा सांसद मीसा भारती और संजय यादव प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा करीब 200 डेलिगेट्स और वरिष्ठ पदाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
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बैठक की अध्यक्षता स्वयं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने की। स्वास्थ्य कारणों और आने वाले समय की राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने संगठन की जिम्मेदारी धीरे-धीरे अगली पीढ़ी को सौंपने का संकेत दिया। सूत्रों के अनुसार, इसी रणनीति के तहत तेजस्वी यादव को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने का निर्णय लिया गया।
तेजस्वी यादव पहले ही बिहार में राजद और महागठबंधन के प्रमुख चेहरे के रूप में स्थापित हो चुके हैं। हालांकि, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उन्हें संगठन के अखिल भारतीय स्तर पर फैसले लेने की आधिकारिक शक्ति मिल गई है। इससे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व में उनकी भूमिका और अधिक मजबूत हो गई है।
बैठक में आगामी चुनावों की रणनीति और संगठन को मजबूत करने पर भी चर्चा की गई। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में एक ऊर्जावान और सक्रिय नेतृत्व की आवश्यकता है। तेजस्वी यादव को यह जिम्मेदारी देकर पार्टी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि राजद भविष्य की राजनीति में युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर राजद ने युवाओं को बड़ा संदेश देने की कोशिश की है। यह फैसला न सिर्फ संगठनात्मक बदलाव का संकेत है, बल्कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी की नई रणनीति का भी हिस्सा माना जा रहा है।