Patna: 50 करोड़ बढ़ा बजट, अब ऑनलाइन निबंधन और नीरा से बदलेगी लोगों की जिंदगी

राज्य सरकार ने मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के बजट में इस वर्ष उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। विभाग का कुल बजट आकार करीब 50 करोड़ रुपये बढ़ गया है, वहीं योजना मद में बजट को दोगुने से भी अधिक कर दिया गया है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 4 February 2026, 1:10 PM IST
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Patna: राज्य सरकार ने मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के बजट में इस वर्ष उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। विभाग का कुल बजट आकार करीब 50 करोड़ रुपये बढ़ गया है, वहीं योजना मद में बजट को दोगुने से भी अधिक कर दिया गया है। सरकार का फोकस एक ओर निबंधन सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने पर है, तो दूसरी ओर मद्य निषेध के तहत वैकल्पिक आजीविका और नीरा उत्पादन को बढ़ावा देने पर रखा गया है।

बजट में हुआ इजाफा

पिछले वित्तीय वर्ष में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग का कुल बजट 692 करोड़ रुपये था, जो इस साल बढ़कर 742 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। खास बात यह है कि योजना मद में बड़ा उछाल देखा गया है। जहां पहले योजना मद के तहत महज सात करोड़ रुपये का प्रावधान था, वहीं इस वर्ष इसे बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे विभागीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की उम्मीद जताई जा रही है।

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ऑनलाइन निबंधन पर जोर

विभाग का मूल फोकस निबंधन से जुड़ी सभी सुविधाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने का है। इसी दिशा में राज्य के सभी निबंधन कार्यालयों में नया और उन्नत सॉफ्टवेयर ‘ई-निबंधन मॉड्यूल’ लागू किया गया है। इसके माध्यम से अब जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री के साथ-साथ विवाह, सोसाइटी और अन्य प्रकार के निबंधन के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

सुरक्षा और पारदर्शिता की पहल

निबंधन कार्यालयों में सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भी अहम कदम उठाए गए हैं। राज्य के 150 निबंधन कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर पर एक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गई है, जिससे गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके।

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नीरा उत्पादन और वैकल्पिक आजीविका

मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग का दूसरा प्रमुख फोकस नीरा उत्पादन और बिक्री को प्रोत्साहित करना है। इसके लिए मुख्यमंत्री नीरा संवर्धन योजना शुरू की गई है, जिसके तहत ताड़ छेवकों और ताड़ के पेड़ मालिकों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही, शराब और ताड़ी के पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े परिवारों के लिए मद्य निषेध लागू होने के बाद सतत जीविकोपार्जन योजना भी लागू की गई है, ताकि उन्हें सम्मानजनक और स्थायी आजीविका का विकल्प मिल सके।

Location : 
  • Patna

Published : 
  • 4 February 2026, 1:10 PM IST

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